संतकबीरनगर।चोर का अंदेशा होते ही जिले में रात होते ही गांवों में
पहरेदारी होने और बिना सोचे समझे निर्दोष लोगों की पिटाई कर दिए जाने से
पुलिस सकते में आ गई।
आलम यह है कि पिटाई के डर से रिश्तेदारी में जाने से
लोग कतराने लगे हैं।रात में पुलिस क्षेत्रों में भ्रमण कर माहौल शांत करने
के प्रयास में जुटी है। वहीं, एसपी ने ग्राम रक्षा दल का गठन करके अपराधों
पर अंकुश लगानेे का प्रयास शुरू किया है।
पिछले दस दिनों से जिले के
गांवों में चोर आने का शोर हर तरफ सुनाई दे रहा है। लोग लाठी, डंडा,
ट्रॉर्च लेकर गांवों में पहरेदारी कर रहे हैं।
हालात यह हो गया कि लोग
पिटाई कीडर से रिश्तेदारी में जाने से कतराने लगे। इससे इतर कोतवाली
क्षेत्र में अभी हाल ही में सरैया गांव के पास एक सिपाही की चोर होने की
अंदेशा में गांव वालों ने पिटाई कर दी थी। धौरहरा गांव और मोहिद्दीनपुर में
भी दो लोग पीट दिए गए थे।
धनघटा क्षेत्र के डिहवा के पास से भी पौली
क्षेत्र के दो युवक गांव वालों के गुस्से का शिकार हो गए थे। चोर आने के
अफवाह को लोगों के दिमाग से जागरूकता लाकर मिटाने की कोशिश में कोतवाली
पुलिस ने ग्राम प्रधानों के संग बैठक भी कर चुकी है, लेकिन स्थिति
नियंत्रित नहीं हो रही है।
एसपी शैलेष कुमार पांडेय ने बताया कि गांवों में
जागरूकता तो जरूरी है कि साथ में लोगों को पुलिस मित्र बना कर अपराध रोकने
की दिशा में सक्रिय करने की जरूरत है।
इसके लिए अब गांवों में ग्राम रक्षा
दलों का गठन कराएंगे।जिसमें गांवों के निर्विवाद छवि वाले युवा और उस
गांव के चौकीदार और वहीं के रहने वाले होमगार्ड को उसमें शामिल किया
जाएगा। पुलिस उनका पूरा रिकॉर्ड रखेगी और पहचान पत्र भी उन्हें दिया जाएगा।
हलका के दरोगा और सिपाही उनकी मदद में लगाए जाएंगे। ग्राम रक्षा दल के
सदस्य गांवों में चोर आने की अफवाह को दूर करने की दिशा में काम करेंगे।
इसके अलावा जरूरत पर रात में पुलिस के साथ गांवों में भी घूमेंगे।यदि कोई गांव में गलत काम करेंगा या संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देंगे तो उसकी सूचना पुलिस को भी देंगे जिस पर पुलिस कार्रवाई करेगी।