दलेलगंज में पोस्टमार्टम हाउस पर गमगीन खडे परिजन।
- दस साल से पैरालिसिस की बीमारी से ग्रसित थी मां, बेटी करती थी मदद
- बड़ा बेटा बंगलौर में प्राइवेट नौकरी तो दूसरा बेटा मुंबई में करता है ड्राइवरी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कोतवाली क्षेत्र के दलेलगंज में मां- बेटी की जहरीला पदार्थ खाने से हुई मौत को लेकर पीड़ित परिजन सदमे में थे। पोस्टमार्टम हाउस पर पीड़ित पति और देवर फूट-फूट कर रो रहे थे। वहीं साथ आए ग्रामीण उन्हें समझा रहे थे। पोस्टमार्टम होने के बाद दोनों का शव गांव पहुंचा तो ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
दलेलगंज निवासी चंद्रभान यादव के चार बेटियां और दो बेटे थे। जिसमें तीनों बेटियों की शादी हो चुकी है। बड़ा बेटा धर्मेद्र बंगलौर में प्राइवेट कंपनी में काम करता है। जबकि दूसरा बेटा जितेंद्र मुंबई में ड्राईवर है। चंद्रभान और उनके छोटे भाई कृष्णभान का परिवार संयुक्त रुप से साथ रहता है।
चंद्रभान की पत्नी 55 वर्ष बासमती पिछले दस साल से पैरालिसिस से ग्रसित थी और डंडे के सहारे चलती-फिरती थी। उनकी देखभाल 16 वर्ष की बेटी काजल करती थी। बृहस्पतिवार को चंद्रभान अपने भाई कृष्णभान के साथ खेत में काम करने गए थे। उसी दौरान शाम को बासमती और बेटी काजल के बीच कहासुनी हुई। गांव में चर्चा है कि मां अपनी बेटी की हरकत से परेशान थी और डांट फटकार रही थी। उसी को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई। बाद में पहले मां ने जहरीला पदार्थ खा लिया और फिर बेटी ने भी खा लिया।
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पीड़ित पति ने कहा- जानकारी होती तो खेत में काम करने नहीं जाता
पीड़ित चंद्रभान ने बताया कि वह खेत मे काम कर रहे थे। उसी दौरान पता चला कि पत्नी और बेटी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। उसके बाद पत्नी और बेटी ने जहरीला पदार्थ खा लिया है। वह खेत से भाग कर घर लौटे और दोनों को अस्पताल ले गए। जहां दोनों की बारी- बारी से मौत होने की पुष्टि डॉक्टरों ने कर दी। उसके परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं है और न ही इस संंबंध में किसी पर कोई शक है। बेटी और पत्नी ऐसे आत्मघाती कदम उठा लेंगी ,यदि यह जानकारी होती तो शायद वह खेत में काम करने नहीं जाता। यह बताते हुए पीड़ित चंद्रभान गमगीन हो गए।