आठ-आठ हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम दिनेश प्रताप सिंह की कोर्ट ने एक ही परिवार के पिता व तीन पुत्रों को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाए जाने पर प्रत्येक को सात-सात वर्ष की सजा व आठ-आठ हजार रुपया अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक दोषी को तीन माह अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अर्थदंड की आधी रकम मृतक के परिवार को देने का आदेश दिया।
विशेष लोक अभियोजक फौजदारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि थाना कोतवाली खलीलाबाद के रहने वाले घुरहू पुत्र छोटकुन ने प्रभारी कोतवाली को तहरीर दिया कि 14 जुलाई 2015 को जमीन विवाद में विनोद पुत्र राम स्वरथ, सन्तोष, राम नरायन, राम स्वारथ उसके दरवाजे के सामने अपशब्द कहने लगे। मना किया तो मारे-पीटे। शोरगुल की आवाज सुनकर उसके परिवार के विंध्याचल, राजू, रेनू, सुदामा, माधुरी उसे बचाने आए तो आरोपी उन्हें भी मारे-पीटे। गांव के कई लोगों को आता देखकर जान से मारने की धमकी देकर भाग गए।
कोतवाली खलीलाबाद में केस दर्ज हुआ। बाद में चोटिल सुदामा देवी की मृत्यु हो गई। आरोप पत्र विनोद, संतोष, राम नरायन, राम सवारथ के विरुद्ध विवेचक ने कोर्ट में दाखिल किया। कोर्ट में आरोपियों ने आरोप से इनकार किया। विचारण की मांग की दौरान विचारण गवाहों के बयान पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य तथा अभियोजन के तर्कों व पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम दिनेश प्रताप सिंह की कोर्ट ने गैरइरादतन हत्या के दोषी पाए जाने पर विनोद, संतोष, रामनरायन पुत्रगण राम स्वारथ और रामसुआरथ उर्फ रामस्वारथ निवासी ग्राम घटरमहा थाना खलीलाबाद को सात-सात वर्ष की सजा व आठ-आठ हजार रुपये अर्थदंड का आदेश दिया