- अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी की कोर्ट ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर शादी के बहकावे में दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी बनाए गए पुत्र और अपहरण के मामले में पिता को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया ।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता सुधाकर मिश्रा ने बताया कि थानाध्यक्ष बखिरा को पीड़िता के भाई ने तहरीर दिया कि उसकी बड़ी बहन की शादी दूसरे जिले में हुई है। गांव का आरोपी उसके जीजा के साथ एक बार उसके घर आया था। उसके बाद तीन बार अकेले उसके घर आया था। उन लोगों ने रिश्तेदार समझकर आदर किया। बीच में अपने साथ दो बहनों को भी लाया था। वो लोग उसकी मां से उसकी छोटी बहन पीड़िता उम्र करीब 15 से 16 साल है से आरोपी से शादी की बात की थी। जिस पर उसके परिवार के लोगों ने मना कर दिया। क्योंकि वह शादीशुदा है।
7 जून 2015 को आरोपी व आरोपी के पिता व आरोपी की दोनों बहनें दोबारा उसके घर आए और रात में रुके। घर के जब सभी लोग सो गए तो करीब तीन बजे भोर में आरोपी व उसके पिता तथा दोनों बहने उसकी बहन को बहला फुसलाकर भगा ले गए।
तहरीर की आधार पर थाना बखिरा में आरोपी उसके पिता और बहनों के विरुद्ध पीड़िता को बहला फुसलाकर भगा ले जाने का केस दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना के बाद आरोपी पिता- पुत्र के विरुद्ध नाबालिग लड़की को बहला फुसला कर भाग ले जाने दुष्कर्म करने तथा पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया था।