सेमरियावां। सावन माह शुरू होते ही व्रत रखने वालों की जेब पर महंगाई की मार पड़ने लगी है। लगातार बारिश से आपूर्ति प्रभावित होने और सावन में मांग बढ़ने के कारण व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के दामों में पिछले 15 दिनों के भीतर भारी उछाल आया है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी गरी गोला और किशमिश के दामों में दर्ज की गई है। गरी गोला की कीमत लगभग दोगुनी हो गई है, जबकि किशमिश के भाव ढाई गुना तक पहुंच गए हैं। इससे पहले से महंगाई की मार झेल रहे परिवारों का घरेलू बजट और बिगड़ गया है।
सेमरियावां, बाघनगर, उसरा शहीद, सेहुड़ा, दानोकुइयां, दुधारा, चिउटना, सालेहपुर, नव्वागांव और लोहरौली समेत आसपास के बाजारों में व्रत सामग्री के बढ़े दामों का असर साफ दिखाई दे रहा है। सावन के प्रत्येक सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं, जबकि कई लोग पूरे माह उपवास करते हैं। ऐसे में आवश्यक सामग्री महंगी होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
बाजार पहुंचे उपभोक्ताओं का कहना है कि हर वर्ष त्योहार और व्रत के मौसम में जरूरी खाद्य पदार्थों की कीमतें अचानक बढ़ जाती हैं। इस बार भी महंगाई ने व्रत का खर्च काफी बढ़ा दिया है। पहले जहां लोग एक-एक किलो सामग्री खरीदते थे वहीं अब आधा किलो या 250 ग्राम खरीदकर ही काम चला रहे हैं। इसका असर बाजार की खरीदारी पर भी साफ नजर आ रहा है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण कई व्रत उपयोगी उत्पादों की आवक कम हो गई है। दूसरी ओर सावन में मांग सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है। मांग और आपूर्ति के असंतुलन के कारण गिरी गोला, दाख, मखाना, सिंघाड़ा आटा समेत अधिकांश व्रत सामग्री के दाम बढ़ गए हैं। गृहिणियों का कहना है कि व्रत करना आस्था का विषय है। इसलिए महंगा होने के बावजूद सामग्री खरीदना पड़ रहा है।