- मेंहदावल क्षेत्र में समिति पर कम मात्रा मात्रा में पहुंच रही खाद
- खाद के लिए मारामारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। धान की फसल काटने के बाद अब गेहूं की बोवाई शुरू होने वाली है, लेकिन डीएपी खाद के लिए किसान परेशान हैं। शासन प्रशासन के दावे यहां फेल हैं। समिति पर खाद आ रहा 260 बोरा और किसानों की भीड़ लग रही 400 से अधिक। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि समिति के सचिव किसानों को डीएपी कैसे बांटे। डीएपी को लेकर क्षेत्र के किसानों में हाहाकार मचा हुआ है लोग मारे-मारे फिर रहे हैं।
मेंहदावल क्षेत्र में स्थित साधन सहकारी समितियों का बुरा हाल है। किसान साधन सहकारी समिति पर डीएपी खाद के लिए चक्कर काट रहे हैं लेकिन पर्याप्त मात्रा में खाद सोसाइटी पर उपलब्ध न होने से गेहूं की बोवाई का काम पिछड़ रहा है। डीएपी खाद सोसाइटी पर आने की जानकारी होने पर मंगलवार को 400 से अधिक किसानों की भीड़ जुट गई।
ऐसे में हर किसान को खाद उपलब्ध कराने के लिए समिति के कर्मचारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। विवाद भी हुए हंगामा भी हुए सूचना पर पुलिस भी पहुंची और तमाम किसानों को बिना खाद के बैरंग वापस लौटना पड़ा। हालत यह है कि डीएपी की किल्लत बढ़ गई है। किसानों की संख्या के अनुसार शासन और प्रशासन मेंहदावल क्षेत्र में डीएपी खाद की उपलब्धता नहीं कर पा रहा है। जिसके कारण समिति पर खाद जो भेजी जा रहे हैं वो किसानों की संख्या को देखते हुए ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है।
डीएपी की कमी, पिछड़ रहा खेती का काम
किसान राजन पांडेय, चंद्रलोक पांडेय, लाल जी पांडेय, सुभाष पांडेय, रामसमुझ यादव, मल्लू यादव, अनिल यादव, देव प्रकाश पांडेय, हरिश्चंद्र यादव, बैजनाथ यादव, श्याम करन, शंकर यादव, राजू यादव, रामसमुझ यादव, चंद्रभान चौधरी, राम प्रताप पांडेय आदि किसानों ने कहा कि मेंहदावल नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में स्थित साधन सहकारी समितियां पर डीएपी खाद की कमी किसानी को प्रभावित कर रही है। हालत यह है कि बड़े पैमाने पर डीएपी खाद की कमी क्षेत्र के किसानों को परेशानी में डाल रहा है जिससे खेती का काम पिछड़ रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन से पर्याप्त मात्रा में साधन सहकारी समितियां पर डीएपी खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
260 बोरी खाद आई थी। एक किसान के खतौनी से दो बोरी खाद दिया गया है। जैसे और खाद आता है, अन्य किसानों में वितरित किया जाएगा।
- रामप्रसाद मौर्य, सचिव, साधन सहकारी समिति