मेंहदावल। नगर पंचायत में बने बीएमसीटी बाईपास सड़क में भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसान सोमवार को बस्ती में लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता से मिलकर मुआवजे की मांग करेंगे। वह मुख्य अभियंता को इस संबंध में पत्र भी सौंपेंगे। किसानों का कहना है कि मुआवजे के लिए वह वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं।
अपर जिलाधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों तथा किसानों के बीच वर्ष 2016-17 में मुआवजा देने को लेकर समझौता भी हुआ, लेकिन आज तक मुआवजे की धनराशि नहीं मिली है। अब मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग से किसान मिलने की तैयारी में हैं।
मेंहदावल नगर क्षेत्र से सटे बाईपास का निर्माण कराया गया है। सड़क निर्माण हुए 34 वर्ष बीत गए, लेकिन इस सड़क निर्माण में जिन किसानों की भूमि ली गई है, उन्हें आज तक मुआवजा नहीं मिल पाया। लोक निर्माण विभाग तथा जिला प्रशासन को 3 करोड़ 84 लाख रुपये बाईपास के मुआवजे की धनराशि मिली भी, लेकिन किसानों के बीच मुआवजे की धनराशि वितरित नहीं की गई। किसान लगातार मुआवजे को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
अवनींद्र ने दी आत्मदाह की धमकी
मेंहदावल। बाईपास के निर्माण में जमीन गंवाने वाले किसान व व्यापारी अवनींद्र जायसवाल ने मुआवजे का मामला एक माह में निस्तारित न होने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। इस चेतावनी के साथ उन्होंने प्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग, जिला अधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा मंडलायुक्त बस्ती मंडल को पत्र भी भेजा है। यदि एक माह में मेंहदावल बाईपास के मुआवजे के मामले का निस्तारण नहीं किया जाता है तो तहसील परिसर में आत्मदाह करेंगे। उन्होंने कहा कि कई किसानों की भूमि बिना किसी नोटिस के अधिग्रहित की गई है। मुआवजे के लिए किसान भटक रहे हैं। जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। अधिकारी प्रकरण का समाधान नहीं कर रहे हैं।