- धनघटा क्षेत्र के भंडा गांव के किसानों ने की खेत की दोबारा पैमाइश की मांग
- तहसील व एनएच की टीम की पैमाइश पर आक्रोश
- एक किमी सड़क के चौड़ीकरण का कार्य अधर में लटका
धनघटा। राम जानकी मार्ग के चौड़ीकरण में विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को भंडा गांव पहुंची तहसील व एनएच की टीम ने भूमि की पैमाइश शुरू की तो किसानों में आक्रोश बढ़ गया। किसानों ने कहा कि एनएच के दबाव में तहसील की टीम मनमाने ढंग से पैमाइश कर किसानों की भूमि हड़पना चाह रही है। किसानों ने कहा कि जब तक उनके खेत की पैमाइश नहीं हो जाती है तब तक वह सड़क चौड़ीकरण का विरोध करेंगे।
भंडा गांव के पास डेढ़ वर्ष से भूमि पैमाइश न होने से राम जानकी मार्ग की एक किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण अधर में लटका है। शनिवार को एसडीएम अरुण कुमार व तहसीलदार योगेंद्र पांडेय के साथ राजस्व की टीम भंडा गांव में भूमि की पैमाइश करना शुरू की। इस दौरान एनएच की टीम भी मौजूद रही। गलत ढंग से की जा रही पैमाइश से असंतुष्ट भंडा गांव के किसान बसंत तिवारी, भोला, देवप्रसाद, चंद्रकांत, रमेश चन्द्र, लक्ष्मी दूबे, गंगा प्रसाद, अवधेश, सूर्यकांत, श्रीराम आदि ने बताया कि तहसील की तरफ से गलत ढंग से भूमि की पैमाइश की जा रही है। सीवान में लगे पत्थर व अन्य स्थानों पर धारा 24 के तहत हुई पक्की पैमाइश में लगे पत्थरों को पैमाइश में आधार न बनाकर मनमाने ढंग से पैमाइश की गई, जिसे किसान मानने को तैयार नहीं है।
किसानों का आरोप है कि उनके सीमांकन की मांग को अनसुना कर नियम विरुद्ध सड़क का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। काश्तकारों की जमीन को मनमाने तौर से सड़क में मिलाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि जब तक उनके खेत की पैमाइश नहीं हो जाती है तब तक वह सड़क चौड़ीकरण का विरोध करेंगे।
पैमाइश का कार्य ठीक ढंग से किया गया। वहां मौजूद कुछ किसान अपने ढंग से पैमाइश करने की मांग कर रहे थे।
- अरुण कुमार, एसडीएम धनघटा