नाथनगर ब्लाॅक मुख्यालय में आयोजित कृषि निवेश मेले का मामला
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संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा।नाथ नगर ब्लाॅक परिसर में बृहस्पतिवार को आयोजित कृषि निवेश मेले में अपराह्न के डेढ़ बजे तक किसान नहीं पहुंचे। भीड़ जुटाने के लिए ब्लाॅक कर्मियों को काफी जद्दोजहद करना पड़ी। किसानों के न पहुंचने की मुख्य वजह कार्यक्रम प्रचार-प्रसार नहीं होना बताई जा रही है।
केंद्र और प्रदेश सरकार की किसानों के हितार्थ योजनाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें लाभ दिलाकर आय दोगुनी कराने के निर्देश हैं। ताकि किसान वैज्ञानिक विधि से खेती करके आय बढ़ा सकें। लेकिन शासन की मंशा को दरकिनार करके ब्लाॅक कर्मी अपना-अलग राग अलाप रहे है।
लापरवाही का आलम बृहस्पतिवार को नाथनगर में लगा कृषि निवेश मेले में देखने को मिला। विभाग ने टेंट लगा दिया। कुर्सी पर बीडीओ, एडीओ पंचायत के अलावा कृषि विभाग के कर्मी बैठ गए। लेकिन सामने रखी किसानों की कुर्सी खाली थी। डेढ़ बजे तक जब खाली कुर्सी पर नजर पड़ी तो ब्लाक के अधिकारियों के निर्देश पर सचिव, रोजगार सेवक को मेले में भीड़ पहुंचने की जिम्मेदारी सौंपी गई। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी मुहिम में जुट गए। डेढ़ बजे के बाद सेक्रेटरी और रोजगार सेवक फरियादियों, प्रधान सहित अन्य कर्मियों को किसी तरह समझा बुझाकर खाली कुर्सी पर बैठाए।
परिसर के बाहर टहल रहे किसान बलिकरन, राम भरोसे, विजय, रामदीन, सुनील, शिव शंभु आदि ने बताया कि जानकारी के अभाव में वह नहीं पहुंच सके। इसकी वजह से उनके फायदे की जानकारी से वे वंचित हो गए। एडीओ कृषि रामसुरेश ने बताया कि लगातार विकसित भारत संकल्प यात्रा सहित अन्य कार्यक्रम में व्यस्त रहने के कारण किसानों को जानकारी नहीं दी जा सकी। सभी कर्मचारी लगे हैं। किसानों को बुलाया जा रहा है।