संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जनपद के कृषकों को जागरूकता के दृष्टिगत कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिकों ने सलाह दी है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि किसान खरीफ फसलों, विशेषकर धान एवं मक्का की कटाई के बाद खेत खाली होने के बाद अगेती तोरिया की खेती अपनाकर अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं।
अगेती तोरिया एक महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है, जिसकी वैज्ञानिक खेती से कम समय में उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है तथा इसके बाद गेहूं, चना एवं अन्य रबी फसलों की समय से बुवाई भी संभव है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. देवेश कुमार ने बताया कि अगेती तोरिया की खेती धान अथवा मक्का की कटाई के बाद उपलब्ध कम अवधि का प्रभावी उपयोग करने का अच्छा विकल्प है। समय से बुवाई करने पर फसल अनुकूल तापमान एवं मिट्टी की नमी का लाभ उठाती है तथा जल्दी तैयार हो जाती है। इससे किसान अगली रबी फसल की बुवाई समय से कर सकते हैं।