किसानों को नहीं मिल पा रही डीएपी
बाजार में वसूली जा रही मनमानी कीमत
मोलनापुर (संतकबीरनगर)। रबी की बुआई का समय चल रहा और किसान डीएपी के लिए परेशान हैं। रविवार को साधन सहकारी समिति मरवटिया पर डीएपी की 300 बोरी आने की सूचना पर किसानों की लंबी लाइन लग गई। भीड़ बढ़ने पर पुलिस को बुलाना पड़ा। इसके बाद खाद का वितरण शुरू हुआ। कुछ ही देर में खाद का स्टाक खत्म हो गया।
साधन सहकारी समिति मरवटिया संतकबीरनगर और गोरखपुर जिले के बार्डर पर है। दोनों जनपदों के किसान वहां खाद आने की जानकारी मिलने पर जुट गए। भीड़ की वजह से पुलिस को बुलाना पड़ा, फिर खाद बांटने का कार्य शुरू हुआ, लेकिन खाद कम पड़ गई। तमाम किसानों को डीएपी नहीं मिल पाई।
मौके पर मौजूद किसान श्याम राय, अभय सिंह, अविनाश पांडेय, सुधांशु, सूर्य प्रकाश पाठक और उमेश कुमार ने बताया कि इस सहकारी समिति से 26 गांवों के लोग खाद लेते हैं। गोरखपुर जिले से सटे होने से वहां के किसान भी आते हैं। इससे खाद कम पड़ जाती है। किसानों को बुआई के लिए डीएपी की जरूरत है। मजबूरी में बाजार से खाद खरीदनी पड़ रही है। इसके लिए अधिक दाम देना पड़ता है।
हालांकि कृषि विभाग के अधिकारियों की ओर से बार-बार यह दावा किया जा रहा है कि जिले में खाद की कमी नहीं है। अफसरों का कहना है कि रैक आ रही है। एक-दो दिन में खाद का संकट खत्म हो जाएगा। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि डीएपी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बोरियों पर कीमत प्रिंट रहती है। यदि कोई भी दुकानदार अधिक कीमत वसूल रहा है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।