- केंद्रों पर प्रशिक्षित सहायकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों की तैनाती
संतकबीरनगर। शासन ने कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य कर दिया है। 31 मई से इसके अनुपालन के लिए तैयारी पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। अब गेहूं खरीद केंद्रों पर फाॅर्मर आईडी बनाई जाएगी। इसके लिए कर्मी तैनात किए जाएंगे।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी कमलेश सिंह ने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाने वाली समस्त खरीद में तत्काल प्रभाव से फार्मर आईडी को अनिवार्य करते हुए मात्र उन्हीं किसानी से खरीद की जाए, जिनके पास पहचान पत्र होंगे।
उन्होंने बताया कि शासन ने चकबंदी अथवा सर्वे अधीन ग्रामों में चकबंदी एवं सर्वे प्रक्रिया प्रचलित होने के कारण किसानों की फार्मर आईडी अद्यतन नहीं बन सकी है। उन ग्रामों के किसानों को संबंधित ग्राम में स्थित भूमि की सीमा तक कृषि एवं खाद्य विभाग द्वारा पूर्व प्रक्रिया के आधार पर बिक्री के अवसर प्रदान किए जाने की छूट दी गई है। उन्होंने शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में निर्देशित किया है कि गेहूं क्रय केंद्रों पर किसान फार्मर आईडी के अभाव में गेहूं क्रय केंद्र से वापस न लौटना पड़े, इसके लिए क्रय केंद्रों पर ही फार्मर आईडी बनाई जाएगी।
गेहूं, क्रय केंद्रों पर फार्मर रजिस्ट्री बनाने के लिए कृषि विभाग द्वारा प्रशिक्षित सहायकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों की तैनाती की जा रही है, जो मौके पर ही आधार के जरिए पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करेंगे। खाद्य एवं रसद विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई किसान केंद्र पर पहुंचता है और पोर्टल पर उसकी फार्मर रजिस्ट्री नहीं मिलती, तो वहां स्थापित हेल्पडेस्क पर तैनात कर्मचारी उसके दस्तावेजों के आधार पर तुरंत पंजीकरण करेंगे।
इसके लिए किसानों को अपने साथ आधार कार्ड, खतौनी और बैंक पासबुक की छायाप्रति लानी होगी। साथ ही आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर वाला फोन भी साथ रखना अनिवार्य है ताकि ओटीपी के जरिए सत्यापन हो सके।