महुली। एसआईआर की नोटिस मिली तो एक गांव के ग्रामीण ब्लॉक मुख्यालय पहुंचे। उनसे जब परिवार रजिस्टर की नकल मांगी गई तो संबंधित सचिव के परिवार रजिस्टर में उन परिवारों का नाम ही नहीं मिला। खुद का एसआईआर अधर में लटकता देख ग्रामीणों ने बीडीओ से गुहार लगाई। ग्रामीणों का आरोप है कि एक पंचवर्षीय पूर्व उनके पुरवा के नाम से ही परिवार रजिस्टर बना हुआ था।
नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत मड़हाराजा के चननी पुरवा के डेढ़ दर्जन से अधिक परिवार जिम्मेदारों के लापरवाही का खामियाजा भुगतते को विवश है। एसआईआर में भरे गए फॉर्म में कुछ त्रुटियां मिली तो आयोग के निर्देश पर संबंधित मतदाताओं को नोटिस मिलनी शुरू हो गई। नोटिस का जवाब दाखिल करने के लिए चननी पुरवा के ग्रामीण जब ब्लॉक मुख्यालय पर पहुंचे तो उनके नाम वाला परिवार रजिस्टर ही गायब मिला। गांव निवासी नबी रहम, शाह मोहम्मद, नुरुल ऐन, फिरोज अहमद, मो. दानिश सहित दर्जन भर ग्रामीण मामले की शिकायत के लिए बीडीओ कुलदीप कुमार के पास पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले पंचवर्षीय के दौरान चननी पुरवा के नाम से परिवार रजिस्टर बना था। जिससे ग्रामीण अपनी जरूरत के हिसाब से परिवार रजिस्टर की नकल ले जाते रहे हैं। अब जब एसआईआर के लिए वे नकल लेने पहुंचे तो परिवार रजिस्टर ही नदारद है। सवाल यह है कि जब परिवार रजिस्टर बना था तो गायब कैसे और किसने किया। यह मात्र विभागीय लापरवाही है अथवा इसके पीछे कोई साजिश है। फिलहाल ग्रामीणों की शिकायत पर बीडीओ कुलदीप कुमार ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच तो चलेगी ही लेकिन जिन मतदाताओं को एसआईआर की नोटिस मिली है और उन्हें उस नोटिस के जवाब में परिवार रजिस्टर की नकल दाखिल करना है तो उनकी समस्या का निदान कैसे होगा। बीडीओ कुलदीप कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है।