अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करते बिजली कर्मी
संतकबीरनगर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर बुधवार को भी बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण का फैसला उपभोक्ताओं व कर्मियों के हित में नहीं है। निजीकरण का फैसला वापस लिया जाना चाहिए।
धरने की अध्यक्षता कर रहे शैलेंद्र यादव ने कहा कि पावर कारपोरेशन में हजारों की तादाद में किए गए नीति विरुद्ध स्थानांतरण आदेशों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएं। उन्होंने बताया कि पॉवर कारपोरेशन में लगभग 1500 अभियंताओं को स्थानांतरित किया गया है। इतने ही जूनियर इंजीनियरों को स्थानांतरित किया गया है और छोटे कर्मचारियों को स्थानांतरित किया गया है। यह स्वीकार नहीं है।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी मनीष मिश्रा ने कहा कि निजीकरण थोपने के लिए उत्पीड़न की कार्रवाई की जा रही है। प्रबंध निदेशक को नोटिस 19 जून से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह की चेतावनी दी गई है।
धरना में इंजीनियर राजेश कुमार, मुकेश गुप्ता, लक्ष्मण मिश्र, बेचन प्रसाद, चंद्र भूषण, दिलीप सिंह, राघवेंद्र सिंह, सुनील आदि माैजूद रहे।