संतकबीरनगर। जिले में हुई चोरी की घटनाएं पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई हैं। चोरी की घटनाओं का खुलासा नहीं हो सका है। इससे जहां लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। वहीं चोरी की घटनाओं से पीड़ित लोग अब भी इस बात की आस लगाकर बैठे हैं कि इनका चोरी गया सामान मिल जाएगा।
सर्द रातों के दौरान जब लोग अपने घरों में सोए थे, चोरों ने इसका जमकर फायदा उठाया। छोटी-बड़ी कई चोरियां हुईं। चोरों ने कई घरों को खाली कर दिया।
नकदी और जेवरात पर हाथ साफ किया। चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस की कई टीमें इन घटनाओं के खुलासे के लिए लगाई गईं। फोरेंसिक टीमों ने मौके से चोरी के साक्ष्य भी उठाए। इसके बाद भी इन घटनाओं में अभी तक न तो खुलासा हुआ और न ही कोई चोर गिरफ्तार हुआ। इसके चलते लोगों में काफी असुरक्षा की भावना देखी जा रही है।
चोरी की इन घटनाओं का नहीं हुआ खुलासा
2 दिसंबर : कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के नेदुला में मकान बनवाकर रहने वाले 30 नवंबर को परिवार के साथ ससुराल गए थे। 2 दिसंबर को वह आए तो देखा कि घर का ताला टूटा हुआ था तथा घर के अंदर का सामान बिखरा पड़ा था। चोरों ने उनके कमरे में रखी आलमारी तोड़कर पत्नी का सोने का हार, चेन, चार अंगूठी, कान की बाली, लाखों के जेवर तथा पांच हजार नकदी समेत अन्य सामान लेकर फरार हो गए।
5 दिसंबर : कोतवाली क्षेत्र के महुंई गांव निवासी चंद्रशेखर का मकान दो मंजिला है। वह परिवार के साथ खाना खाकर ऊपर के कमरे में ताला बंद कर नीचे ही सो रहे थे। अगले दिन कमरे का ताला टूटा मिला था कमरे में रखे आलमारी से चोरों ने जेवरात व नकदी चुरा लिया तथा मौके से फरार हो गए।
9 जनवरी : कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के शहर के छोटी सरौली मुहल्ला निवासी भेष नरायण शर्मा अपनी पत्नी के साथ बेटी का उपचार कराने के लिए लखनऊ गए थे। घर पहुंचे तीन कमरे का ताला लाकर और आलमारी टूटा था। पांच लाख के जेवर तथा लाकर से ढाई लाख चोरी हो चुके थे।
29 जनवरी : अजगैबा बाजार में सरकारी देशी शराब की दुकान में चोर दुकान की दीवाल काटकर अंदर घुसे तथा दुकान के गल्ले में रखे रुपये, एक टेलीविजन तथा आबकारी विभाग की ओर से जारी किया गया स्कैनर मशीन चोरी कर लिया। इसके साथ ही दुकान में लगा कैमरा भी तोड़ दिया गया था।
कोट
पूर्व की कई चोरी की घटनाओं का खुलासा किया गया है। कुछ मामले शेष हैं, जिनके खुलासे के लिए पुलिस टीम काम कर रही है। जल्द ही चोरी की घटनाओं का खुलासा किया जाएगा।
-सत्यजीत गुप्ता, एसपी