जिला अस्पताल में मरीज के आंख की जांच करते चिकित्सक-संवाद
संतकबीरनगर। मोबाइल फोन, कंप्यूटर और टैबलेट जैसे डिजिटल उपकरणों के बढ़ते उपयोग का सीधा असर लोगों की आंखों पर पड़ रहा है। ड्राई आई सिंड्रोम के मामले बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना आने वाले 100 मरीजों में से लगभग 20 से 25 मरीज आंखों में जलन, सूखापन, दर्द, लालिमा और धुंधलापन जैसी समस्याएं बता रहे हैं। चिकित्सक ऐसे मरीजों को स्क्रीन टाइम कम करने की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवानंद सिंह के अनुसार, इन समस्याओं का प्रमुख कारण डिजिटल स्क्रीन का अत्यधिक और लंबे समय तक उपयोग है। लगातार मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन देखने से आंखों की प्राकृतिक नमी कम हो जाती है। इससे ड्राई आई सिंड्रोम की समस्या बढ़ रही है। इसके अतिरिक्त, स्क्रीन पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने से आंखों की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है। इसके परिणामस्वरूप सिरदर्द, आंखों में भारीपन और दृष्टि धुंधली होने जैसी दिक्कतें उत्पन्न हो सकती हैं। बच्चों और युवाओं में यह समस्या विशेष रूप से तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि उनका अधिकांश समय ऑनलाइन पढ़ाई, गेमिंग और सोशल मीडिया पर व्यतीत हो रहा है। नेत्र रोग विशेषज्ञ ने बताया कि कई मरीज देर रात तक मोबाइल देखने के कारण नींद की कमी से भी जूझ रहे हैं। इससे आंखों की थकान और सूखापन और बढ़ जाता है। नीली रोशनी (ब्लू लाइट) आंखों के लिए विशेष रूप से हानिकारक है और यह धीरे-धीरे रेटिना को भी प्रभावित कर सकती है।