- दो अप्रैल को एसडीएम कोर्ट ने सुनवाई के बाद कुछ जमीनों को किया था बंजर घोषित
- प्रशासन, शासन के मंशानुरुप करें कार्रवाई तो भवनों की होगी बेदखली
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। एचआरपीजी कॉलेज का कुछ भवन बंजर जमीन में बना हुआ है। दो अप्रैल को एसडीएम ने सुनवाई के बाद कुछ जमीनों को बंजर घोषित कर दिया था। अब जो भवन बंजर जमीन पर बन चुके हैं वह भवन प्रशासनिक कार्रवाई की जद में आ गए हैं। मामले में प्रशासन यदि शासन के मंशानुरुप कार्रवाई करता है तो सरकारी जमीन पर बने कुछ भवन व कब्जाशुदा जमीन पर बेदखली की कार्रवाई हो सकती है।
राजस्व विभाग से जुड़े जिम्मेदारों के मुताबिक शहर के एचआर डिग्री कॉलेज परिसर व उसके आसपास कई जमीनें राजस्व अभिलेख में सरकारी जमीन अंकित हैं। कुछ जमीनें वर्तमान में खाली हैं तो कुछ जमीनों पर कब्जा है। दो अप्रैल को एसडीएम कोर्ट में दाखिल बनियाबारी निवासी प्रवीणचंद्र पांडेय के वाद में आए फैसले के बाद यह उजागर हुआ।
प्रवीणचंद्र का आरोप है कि तहसील कर्मचारी को साजिश में करके कूटरचित ढंग से बंजर खाते की भूमि पर कॉलेज का नाम बिना किसी सक्षम आदेश के नियम विरुद्ध ढंग से दर्ज कराया गया। विवादित भूमि के दक्षिण आने-जाने का रास्ता मौके पर पूर्ण रूप से अवरुद्ध है। प्रवीण चंद्र पांडेय ने दो मार्च 1978 के आदेश को निरस्त करते हुए प्रकरण की जांच करा कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
एसडीएम कोर्ट की ओर से पत्रावली अवलोकन कर तहसील से आख्या प्राप्त की गई। जिसमें तीन गाटे थे, जो 41, 45 में नवीन परती व बंजर दर्ज हैं। जो बाद में फर्जी आदेश से खतौनी में एचआरपीजी कॉलेज के नाम से दर्ज हो गई थी। तीन माह का मौका देने पर भी कॉलेज प्रबंधन ने अपने पक्ष में कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया। जिसके बाद इस मामले में एसडीएम कोर्ट ने दो अप्रैल को 1428-1433 फसली के खाता संख्या 250 के गाटा संख्या 282/0.100 हेक्टेयर में दर्ज एचआरपीजी कॉलेज खलीलाबाद का नाम निरस्त कर फिर से श्रेणी 5 (1) कृषि योग्य भूमि नई परती व गाटा संख्या 204/0.011 व 203/0.099 हेक्टेयर पर अंकित एचआरपीजी कॉलेज का नाम निरस्त कर फिर से बंजर श्रेणी 5 (3) के खाते में दर्ज करने का आदेश दिया।
राजस्व टीम से पूरे प्रकरण की जांच कराकर रिपोर्ट मांगी जाएगी। यदि सरकारी जमीन पर सरकारी भवन बने हैं तो ठीक है। सरकारी जमीन पर किसी भी तरह के निजी भवन अथवा कब्जा मिलने पर बेदखली की कार्रवाई की जाएगी।
- शैलेश कुमार दूबे, एसडीएम खलीलाबाद
एसडीएम कोर्ट के खिलाफ कमिश्नर कोर्ट में अपील दाखिल की जाएगी। 60 दिन का समय मिला है। कमिश्नर कोर्ट से जैसा निर्णय होगा उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- प्रोफेसर ब्रजेश कुमार त्रिपाठी, प्राचार्य, एचआरपीजी कॉलेज