मुकुंदपुर ग्राम पंचायत में पेयजल परियोजना के लिए वाटर हेड का फाउंडेशन बना
हरिहरपुर। नाथनगर ब्लाॅक के मुकुंदपुर ग्राम पंचायत में हर-घर जल योजना का कार्य अधर में छोड़कर निर्माण करा रही संस्था नदारद है। करीब 1.30 करोड़ की लागत से तैयार होने वाली पेयजल परियोजना का कार्य अप्रैल 2024 में ही पूरा होना था। लेकिन समय सीमा के एक साल बाद भी कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।
इस परियोजना से कुल 1,753 घरों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने का लक्ष्य है।
राष्ट्रीय पेयजल परियोजना के तहत हर परिवार तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की सरकारी मुहिम को विभागीय जिम्मेदार पलीता लगा रहे हैं। कहीं बनकर तैयार हुई परियोजना से सप्लाई चालू नहीं हो सकी तो कहीं निर्माण कार्य करा रही संस्था, कार्य अधर में छोड़कर नदारद है। ऐसे में लोगों को पेयजल के लिए हैंडपंप का सहारा लेना पड़ रहा है।
अप्रैल 2023 में नाथनगर ब्लाॅक के मुकुंदपुर ग्राम पंचायत में पेयजल परियोजना के निर्माण का कार्य शुरु हुआ तो लोगों को शुद्ध पेयजल मिलने की उम्मीद जगी थी।
परियोजना के कार्यस्थल पर लगे बोर्ड में परियोजना पूर्ण होने का समय अप्रैल 2024 निर्धारित किया गया था। लेकिन दो वर्ष बीत गए परियोजना का कार्य अधूरा पड़ा है। जल निगम के जरिए मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को निर्माण का जिम्मा सौंपा गया था जिससे ग्राम पंचायत की कुल 1,753 जनसंख्या की आबादी को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने का लक्ष्य था। लेकिन निर्माण कार्य करा रही संस्था पानी की टंकी के लिए फाउंडेशन बनाकर करीब छह महीने से फरार है।
परियोजना के समय से पूरा न होने से लोगों ने नाराजगी जाहिर करते हुए विभागीय जिम्मेदारों पर लापरवाही का आरोप मढ़ा है। लोगों का कहना है कि एक ओर जहां लोगों को शुद्ध पेयजल से महरूम होना पड़ रहा है, वहीं देरी होने से परियोजना की लागत भी बढ़ेगी।