संवाद न्यूज एजेंसी
महुली। गांव के छोटे-मोटे मामलों के निस्तारण के लिए सरकार ने थाना दिवस का आयोजन कर रखा है, लेकिन समय से न्याय न मिलने से फरियादी मायूस होकर लौट जा रहे हैं।
शनिवार को महुली थाने पर थाना समाधान दिवस में पांच मामले आए। इसमें से चार जमीन एक थाने से संबंधित रहा। जमीन का मामला निस्तारण के निर्देश दिए गए, जबकि थाने से संबंधित मामले को मौके पर पुलिस भेजने का पीड़ित को आश्वासन मिला, लेकिन एक भी मामले का निस्तारण नहीं हो सका।
थाना दिवस में दिए गए प्रार्थनापत्र के बाद भी मडहाराजा ग्राम पंचायत के दो मामलों का आज तक निस्तारण नहीं किया जा सका और फरियादी मायूस होकर घर लौट गए। शनिवार को नोक्ता के विजय, मझौरा गणेशपुर के रामनरेश ने जमीन संबंधी मामले पेश किया, जिनका उन्हें निस्तारण का आश्वासन देकर छोड़ दिया गया।
ग्राम सकराईचा निवासी अलका पत्नी बुद्धू ने रास्ते को विवाद को लेकर हुई मारपीट की सूचना पर थानाध्यक्ष ने मौके पर पुलिस तो भेज दिया, लेकिन मामले का निस्तारण समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सका था। इसी तरह ग्राम मडहाजोत निवासी हरिश्चंद्र ने बताया कि थाना दिवस में आए जरूर है, लेकिन एक माह से उनके वहां आंबेडकर मूर्ति पर अतिक्रमण को खाली नहीं कराया गया। जबकि तहसीलदार ने आश्वासन दिया था कि आंबेडकर मूर्ति के आसपास किसी प्रकार की गंदगी अतिक्रमण नहीं होने पाएगा। इसी तरह ग्राम चननी में दबंगों द्वारा खड़ंजा उखाड़ दिया गया। एसडीएम ने नौ सदस्यीय टीम भी गठित की, लेकिन आज तक न तो तहसीलदार, लेखपाल, ब्लॉक के कर्मी मौके पर पहुंचे और न ही मामले का निस्तारण कराया गया। इससे वह मायूस होकर घर लौट गए।
इस दौरान तहसीलदार धनघटा रामजी, थानाध्यक्ष दुर्गेश पांडेय, उप निरीक्षक सोमनाथ मिश्रा, कानूनगो अनिल कुमार, हीरालाल आदि मौजूद रहे।