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Sant Kabir Nagar News: फाइनेंस कंपनी के भागने के बाद भी जमा कराते रहे रकम, पांच पर एफआईआर

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बस्ती। ग्राहकों की रकम समेट कर 2014 में भागने वाली एएमजे लैंड डेवलपर्स इंडिया लिमिटेड कंपनी के नाम पर लंबे समय से ग्राहकों से किस्त जमा कराने के आरोप में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
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आरोप है कि कंपनी से जुड़े पांच लोग ग्राहकों को झांसे में लेकर उनसे रकम जमा कराते रहे। बदले में बांड और रसीद भी थमाते रहे। जब इसकी भनक कुछ ग्राहकों को लगी तो वे कोतवाली रोड कंपनी के कार्यालय पहुंचे। वहां ताला लटका देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पूछताछ में पता चला कि कंपनी ग्राहकों का करोड़ों रुपये लेकर चंपत हो चुकी है। इसके बाद वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के डडवा मिश्र निवासी और कंपनी के एजेंट श्यामधर यादव ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर वाल्टरगंज पुलिस ने सोमवार को पांच आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
मामले के विवेचक उपेंद्र शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर कंपनी के निदेशक और जौनपुर निवासी दिलीप यादव, वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम महादेवा निवासी महेश चौधरी, संतकबीरनगर जिले के थाना मेंहदावल के अव्वल केवटलिया निवासी चंद्रभान चौधरी, मध्य प्रदेश के थाना पटेल नगर के ईस्ट पटेल निवासी कंपनी के निदेशक सैयद राशिद हाशमी और मध्य प्रदेश के ही ग्वालियर के थाना पाडव के सुभाषनगर निवासी संतोषी लाल राठौर पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है।
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2014 में ही ग्राहकों का रुपये लेकर भाग चुकी है कंपनी
प्राथमिकी दर्ज कराने वाले एजेंट श्यामधर यादव का आरोप है कि वर्ष 2008 में एएमजे लैंड डेवलपर्स इंडिया लिमिटेड कंपनी ने अपनी शाखा बस्ती शहर में सहारा कार्यालय के प्रथम मंजिल कोतवाली रोड मुरलीजोत में खोली थी। कंपनी ने अपनी स्कीम के तहत ग्राहकों की रकम को दोगुना करने का झांसा देकर करोड़ों जमा कराए थे।
कंपनी के निदेशक संतोषी लाल राठौर व सैयद राशिद हासमी तथा डेवलपमेंट डायरेक्टर दिलीप यादव, चंद्रभान चौधरी व अन्य दर्जनों पदाधिकारी 2014 में कंपनी के भाग जाने के बाद भी कुछ एजेंटों को सब्जबाग दिखाकर वर्ष 2018 तक रुपये जमा कराते रहे। उसकी कूटरचित बांड ग्राहकों को देते रहे। धोखाधड़ी व रुपये लेकर भागने की जानकारी जब उसे हुई तो वह कुछ लोगों के साथ शाखा कार्यालय बस्ती गया और पूछताछ करने के बाद पता चला कि कंपनी 2014 में ही ग्राहकों का रुपये लेकर भाग चुकी है।
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विवेचक उपेंद्र शर्मा का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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