बालू खनन से बदल रही सरयू नदी की धारा। संवाद
धनघटा। सरयू नदी इस वर्ष अपने धारा को बदलते हुए दक्षिण दिशा में चली गई है। नदी की धारा बदलने से धनघटा तहसील क्षेत्र के किसान नदी के उत्तरी छोर तक अपनी खेती होने का दावा कर रहे हैं। तो उधर नदी उस पर बालू खनन का पट्टा कराने वाले ठेकेदार नदी के पर आकर बालू खनन कराने के प्रयास में है। सीमा विवाद का हल निकालने के लिए धनघटा तहसील और अंबेडकरनगर जिले की टांडा तहसील के राजस्व कर्मी पैमाइश भी किए, लेकिन हल नहीं निकल सका।
धनघटा तहसील के तेजपुर गांव के किसानों का कहना है कि नदी की धारा ही संतकबीरनगर और अंबेडकरनगर जिले के सीमा को विभाजित करती है। नदी इस पर संतकबीरनगर के किसानों का कब्जा है तो नदी के उस पार अंबेडकरनगर के किसान खेती करते हैं। नदी जब उत्तरी छोर पर बहती है तब भी यहां के किसान नदी के इस पार ही अपना अधिकार समझते हैं। अब जब नदी थोड़ा सा हटकर दक्षिण दिशा में जाकर बह रही है तो वहां के ठेकेदार इस पार आकर किसानों के खेत में बालू खनन करने के प्रयास में है।
तेजपुर के ग्राम प्रधान रामचंद्र, सुग्रीव, दामोदर, प्रहलाद, रामनयन, राधेश्याम आदि का कहना है कि उत्तरी छोर से पैमाइश किया जाए तो हम लोगों की जमीन नदी के किनारे तक पहुंचती है। लेकिन गलत ढंग से पैमाइश करके अंबेडकरनगर जिले के लोग इस पर आकर बालू खनन करना चाह रहे हैं। किसानों ने अपनी समस्या को लेकर शुक्रवार को डीएम के पास पहुंचे और पैमाइश करा कर समस्या का समाधान कराने की मांग किए। एसडीएम डॉ सुनील कुमार का कहना है कि पैमाइश कराकर जल्द ही इस समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।