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गुस्साए लोगों ने बैंक खुलने ही नहीं दिया

Wed, 14 Dec 2016 11:27 PM IST
Sant Kabir Nagar
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बुधवार को नाराज लोगों ने हरिहरपुर एसबीआई की शाखा खुलने ही नहीं दी। - फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के 36वें दिन भी जिले में हालात सामान्य नहीं हुए। ग्रामीण क्षेत्रों में एटीएम अभी भी नहीं खुले, शहरों में जो खुल रहे हैं वहां लोगों को रकम के लिए घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है। वहीं बैंकों पर कतार में लगने के कारण लोगों को नियमानुसार तय रकम भी नहीं मिल पा रही है। बुधवार को गुस्साए लोगों ने हरिहरपुर एसबीआई की शाखा खुलने ही नहीं दी। महुली की एसबीआई शाखा में सर्वर फेल होने से भुगतान नहीं हुआ तो विकास भवन की स्टेट बैंक की शाखा पर कैश खत्म होने से कतार में लगे लोगों ने जमकर हंगामा मचाया। पूर्वांचल बैंक की बढ़या ठाठर में भी उपभोक्ताओं ने भुगतान न होने पर हंगामा हुआ।
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हरिहरपुर प्रतिनिधि के अनुसार, कस्बे स्थित एसबीआई की शाखा में पिछले से चार दिनों से लोगों को भुगतान नहीं हुआ है। बुधवार को बैंक खुलने से पहले ही भारी संख्या में लोग वहां जमा थे। दस बजे बैंककर्मी जब बैंक पहुंचे तो लोगों ने कैश के संबंध में जानकारी मांगी। रकम न होने की बात पता चलने पर लोगों ने बैंक खुलने ही नहीं दिया और हंगामा करने लगे। लोगों का गुस्सा देखकर बैंक कर्मी वहां से खिसक लिए। रकम लेने बैंक पहुंचे उमेश यादव, रमाकांत, सच्चिदानंद, बुझारत, बिरेंद्र साहनी, नेबूलाल, शंकर, शिवम, कपिलदेव, ललित यादव, जयराम आदि ने बताया कि बैंक खुलने से पहले ही वे लोग पहुंच  गए थे। 

जब रकम न होने की बात कही गई तो लोगों ने उन्हें घेर लिया और बैंक का गेट नहीं खोलने देने पर अड़ गए। मौके की नजाकत भांपकर शाखा प्रबंधक ने उच्चाधिकारियों को सूचित कर उपभोक्ताओं की भीड़ से दूरी बना ली। उधर, उपभोक्ता भी इस जिद पर अड़े थे कि यदि कैश नहीं मिलेगा तो बैंक खुलने नहीं देंगे। लोगों का गुस्सा देखकर पुलिसकर्मियों ने भी मौन रहना बेहतर समझा। शाखा प्रबंधक सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि बैंक में कैश नहीं है। बैंक के बाहर जमा भीड़ कैश की मांग पर अड़ी हुई थी। भीड़ ने बैंक खोलने ही नहीं दिया। ऐसे में मजबूर होकर वहां से हटना पड़ा।
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धनघटा प्रतिनिधि के अनुसार, एसबीआई महुली की शाखा में सर्वर फेल होने के कारण उपभोक्ताओं को भुगतान नहीं दिया जा सका। उपभोक्ता उमेश यादव, नीना देवी, गीता, रामबुझारत, अमित योगी, उदय प्रसाद, सुमन, रेखा, अर्जुन प्रसाद, जितेंद्र कुमार ने बताया कि भुगतान पाना मुश्किल हो गया है। कभी कैश की कमी तो कभी सर्वर फेल का होना लोगों को ठंड में भारी पड़ रहा है।

 हैंसर प्रतिनिधि के अनुसार, बुधवार को क्षेत्र के सभी बैंक शाखाओं पर लंबी लाइन लगी रही है। एसबीआई की शाखा धनघटा पर कैश के लिए लाइन में चार बजे तक खडे़ रहे उपभोक्ता जलालुददीन, मुबारक, शमशेर, मालती, फूलमती आदि का आरोप था कि सुबह आठ बजे से खडे़ हैं, लेकिन अभी तक बैंक के अंदर नही जा पाए। जबकि कई लोग आए और बारी बारी से अंदर जाकर भुगतान लेकर चले गए। उपभोक्ताओं का कहना था कि बैंक के लोग और यहां लगे पुलिस वाले पहचान और पहुंच के आधार पर कार्य कर रहे है। पानमती, दयाराम, पारस, बबलू, कवलेश्वर आदि ने बताया कि बैंक के अंदर उन्हें मांगने पर एक हजार की जगह पांच सौ का भुगतान किया गया जबकि वही बगल में कुछ लोग दस से 15 हजार तक का भुगतान लिया। 

पूर्वांचल बैंक की शाखा धनघटा के शाखा प्रबंधक इरफानुल्लाह ने बताया कि मंगलवार की शाम कैश मिला, जिसे शाम के समय लोगो को चार-चार  हजार रुपये तक का भुगतान दिया। बुधवार को भी करीब 500 सौ लोगो को दो-दो हजार तक का भुगतान किया गया। वही दूसरी तरफ एसबीआई धनघटा के प्रबंधक डी एस त्रिपाठी ने भुगतान में भेदभाव बरते जाने के आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि बैंक सामान रुप से सभी ग्राहकों को भुगतान दे रहे रहा है।

 बेलहर प्रतिनिधि के अनुसार स्टेट बैंक की शाखा तो  खुला थी, लेकिन कैश की कमी से भुगतान नहीं हुआ। बखिरा और मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में स्थिति विभिन्न बैंकों की शाखाएं खुली थी और भुगतान भी हुआ, लेकिन लोगों को जरूरत के हिसाब से पैसा नहीं मिल पाया। लोग कैश की कमी बरकार रहने से व्यवस्था को कोसते नजर आए।
  खलीलाबाद शहर के सभी बैंको और एटीएम पर भीड़ जुटी थी। भुगतान हो रहा था,लेकिन भीड़ में लगे लोगों को संशय था कि उनकी बारी तक कहीं पैसा न खत्म हो जाए। विकास भवन स्थित स्टेट बैंक की शाखा में शाम चार बजे कैश खत्म हो गया। इस कारण कतार में लगे लोगों ने हंगामा किया। जिन्हें पुलिस वालों ने समझा बुझाकर शांत कराया। स्टेट बैंक की कृषि शाखा का एटीएम बंद रहा। 
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