उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर शुक्रवार को सफाई कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार सफाई कर्मचारियों के मांगों की अनेदखी कर रही है। चेतावनी दी कि यदि मांगे पूरी नहीं हुई तो आंदोलन छेड़ा जाएगा। धरना के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र डीएम को दिया।
जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि गांवों में सफाई करने के बाद बावजूद ग्राम प्रधान उपेक्षा की दृष्टि से देखते है, इसलिए सफाई कर्मचारियों को ग्राम प्रधानों के नियंत्रण से मुक्त किया जाए और पेरोल व्यवस्था समाप्त की जाए। जिला मंत्री नरेंद्र कुमार ने कहा कि जब भी संघ ने अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी और अपनी ताकत का अहसास कराया तो प्रशासन हमारी बातों को सुनने के लिए विवश हुआ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष विजय प्रताप पाल ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी समर्पित भाव से काम करते हैं, लेकिन सरकार हमारी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है।
ट्रेड कौंसिल के अध्यक्ष शिव कुमार गुप्ता ने कहा कि ग्रामीफ सफाई कर्मचारियों के मृतक होने की दशा में इनके आश्रित परिवार को नौकरी दी जाए तथा परिवार के सदस्य को पेंशन देने का कार्य किया जाए। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मंत्री रामभजन यादव ने कहा कि निदेशालय द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर न्याय पंचायत वार सफाई कर्मचारियों के सुपरविजन के लिए सुपरवाइजर पर सृजित किया जाए।
धरने में दिलीप चौधरी, ज्ञान प्रकाश, सीताराम, राजेश कुुमार, अखिलेश कुमार, विनोद चौधरी, संतराम यादव, सदानंद चौधरी, महेंद्र, चंदगीराम, ओम प्रकाश, लालचंद्र चौधरी, सुनील सिंह, पुष्पा देवी, रामपाल, मृत्युजय, सुजीत कुमार, छट्ठू प्रसाद, बाबूराम, अमित कुमार, राजेश कुमार, विनोद कुमार, तीजू प्रसाद, मनोज कुमार यादव, राम नरेश आदि लोग शामिल रहे।