मेंहदावल। बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है।
बीईओ महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया कि विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे और सभी पात्र बच्चों का विद्यालयों में नामांकन कराया जा सके। इसके लिए आउट ऑफ स्कूल रहे बच्चों का सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसमें बच्चों का नाम, पता, आयु और शैक्षिक स्थिति तथा विद्यालय छोड़ने के कारणों का विवरण तैयार कर विभाग को उपलब्ध कराया जाए। इसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसमें ड्रॉप आउट बच्चों पर विशेष फोकस रहेगा। इसमें विभाग विशेष रूप से उन बच्चों की पहचान करेगा जिन्होंने किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छोड़ दी है या कभी विद्यालय में नामांकन नहीं कराया। आर्थिक कठिनाइयों, पारिवारिक परिस्थितियों, पलायन, बाल श्रम अथवा अन्य सामाजिक कारणों से शिक्षा से दूर हुए बच्चों को फिर से उनको स्कूलों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। विभाग का मानना है कि समय रहते ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें विद्यालयों में वापस लाया जाए। इससे ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी। उन्होंने बताया कि आउट ऑफ स्कूल बच्चों की सही पहचान और नियमित निगरानी से न केवल नामांकन दर बढ़ेगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का भी पता चल सकेगा। इस अभियान के माध्यम से बड़ी संख्या में ऐसे बच्चों को चिह्नित किया जा सकेगा जो किसी कारण से विद्यालयों से दूर हैं। उनके पुनः नामांकन और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले चलाया जा रहा यह अभियान प्रदेश में सार्वभौमिक शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।