संतकबीरनगर। पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध शनिवार को भी बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने निजीकरण के नाम पर उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाते हुए आक्रोश व्यक्त किया। बिजली कर्मियों ने कहा कि 22 जून को लखनऊ में हो रही बिजली महापंचायत में निजीकरण के पीछे की मंशा का खुलासा किया जाएगा। विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी इंजीनियर राजेश कुमार ने कहा कि निजीकरण के पहले जिस तरह पॉवर कारपोरेशन प्रबंधन ने बिजली की दरों में बेतहाशा वृद्धि का प्रस्ताव विद्युत नियामक आयोग को दिया है, वह बिजली महापंचायत में चर्चा का एक बड़ा एजेंडा होगा। उन्होंने कहा कि महापंचायत में उपभोक्ता मंचों के प्रतिनिधि, किसान, मजदूर, शिक्षक, व्यवसायी, वकील, बुद्धिजीवी और आमजन बड़ी संख्या में शामिल होंगे। संवाद