संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण और कर्मचारियों के उत्पीड़न के विरोध में बिजली कर्मियों ने बुधवार को भी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने एलान किया कि 14 अगस्त को निजीकरण का फैसला वापस लिए जाने की मांग को लेकर तिरंगा रैली निकाली जाएगी।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी दिलीप मौर्य ने कहा है कि जब उत्तर प्रदेश की विधानसभा में विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के विजन 2047 पर 24 घंटे की ऐतिहासिक चर्चा हो रही है तब यह बताना जरूरी है कि विकसित उत्तर प्रदेश के विजन के लिए पॉवर सेक्टर को सार्वजनिक क्षेत्र में बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के विगत आठ साल के कार्यकाल के दौरान प्रदेश की बिजली व्यवस्था में लगातार सुधार हो रहा है, ऐसे में निजीकरण का प्रस्ताव लाकर बिजली व्यवस्था पटरी से उतारने की कोशिश पर तत्काल विराम लगना चाहिए। संवाद