संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण और कर्मियों के उत्पीड़न के विरोध में शनिवार को भी बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने प्रबंधन पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। कहा कि आंदोलन तेज करने के लिए 27 जुलाई को संघर्ष समिति की बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
धरना की अध्यक्षता करते हुए संतोष गुप्ता ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का अब तक निजीकरण न कर पाने पर पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने बिजली कर्मचारियों का बड़े पैमाने पर उत्पीड़न करना प्रारंभ कर दिया है। उन्होंने कहा कि झूठे आंकड़े देकर और उत्पीड़न कर भय का वातावरण बनाया जा रहा है। इसे बिजली कर्मी कदापि स्वीकार नहीं करेंगे।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी भास्कर पांडेय ने कहा कि निजीकरण का फैसला किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। 29 जुलाई को होने वाली बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।