संतकबीरनगर। बिजली निगमों के निजीकरण के विरोध में शनिवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान उन्होंने झूठे आंकड़ों के आधार पर निजी घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए साजिश का आरोप लगाया। कहा कि इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अध्यक्षता करते हुए इंजीनियर राजेश कुमार ने कहा कि पावर कारपोरेशन प्रबंधन निजीकरण के लिए आपातकाल जैसा वातावरण बनाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिजली कर्मियों का उत्पीड़न किया गया तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
विरोध में आगामी दो जुलाई को राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी इंजीनियर मनोज कुमार ने कहा कि निजीकरण का निर्णय तत्काल निरस्त किया जाए। धरने में इंजीनियर मेराज अहमद, मुकेश गुप्ता, वागीश कुमार गुप्ता, केएन शुक्ला , केएल यादव, अभय सिंह आदि मौजूद रहे।