संतकबीरनगर। बिजली निगमों के निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मियों का आंदोलन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। इस दौरान बिजलीकर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। उन्होंने कहा कि जब तक निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया जाता है, तब तक धरना-प्रदर्शन चलता रहेगा। कर्मियों ने निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की है।
अध्यक्षता करते हुए इंजीनियर केएन शुक्ला ने कहा कि प्रबंधन निजीकरण की जिद पर अड़ा हुआ है और हठवादी रवैया अपना रहा है। शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे बिजलीकर्मियों पर हड़ताल थोपना चाहता है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी इंजीनियर राजेश कुमार ने कहा कि संघर्ष समिति की हड़ताल करने की अभी कोई नोटिस नहीं है, लेकिन पावर काॅरपोरेशन के चेयरमैन, मुख्य सचिव को और शासन के बड़े अधिकारियों को पत्र भेज कर गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनावश्यक तौर पर ऊर्जा निगमों में औद्योगिक अशांति का वातावरण बनाया जा रहा है।
इंजीनियर धनंजय सिंह ने कहा कि झूठा शपथ पत्र देने वाले ट्रांजेक्शन कंसल्टेंट ग्रांट थॉर्टन, जिस पर अमेरिका में पेनल्टी लगाई गई है।
कार्रवाई के बजाय पावर कॉरपोरेशन संविदा कर्मियों की बड़े पैमाने पर छंटनी कर रहा है और टकराव का वातावरण बना रहा है। इस दौरान सुनील प्रजापति, मनोज कुमार, लक्ष्मण मिश्र, मुकेश गुप्ता, अमित सिंह, भानु प्रताप चौरसिया मौजूद रहे।