संतकबीरनगर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर बृहस्पतिवार को विद्युत कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मचारियों ने निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग किया।
निजीकरण के विरोध के 120 वें दिन बृहस्पतिवार को धरना में इंजीनियर राजेश कुमार ने कहा कि निजीकरण का फैसला किसी के हित में नहीं है। इसके आड़ में कर्मियों को हटाने की साजिश की जा रही है। इससे लोगों का आक्रोश बढ़ रहा है। संघर्ष समिति के मुकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी रिफॉर्म एक्ट 1999 और ट्रांसफर स्कीम 2000 के अंतर्गत बिजली कर्मियों को रियायती बिजली की सुविधा प्रदान की गई है।
इसका गजट नोटिफिकेशन है। एक तरफा ढंग से मीटर लगाकर रियायती बिजली की सुविधा समाप्त करने की साजिश की जा रही है।
मार्च के महीने में जब राजस्व वसूली का लगातार अभियान चल रहा है, तब अनावश्यक तौर पर अशांति का वातावरण बनाया जा रहा है।
इस दौरान सुनील प्रजापति, मनोज कुमार, लक्ष्मण मिश्र, धीरेंद्र यादव, नारायण चंद्र चौरसिया, हिफजुर्रहमान अंसारी, संजय यादव, आशीष कुमार,दिलीप सिंह, राघवेंद्र, राजकुमार, लालचंद यादव, दिनेश चंद्र, विवेक पासवान, महेंद्र जायसवाल, श्रवण प्रजापति आदि मौजूद रहे।