संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में बृहस्पतिवार को भी बिजली कर्मियों का आंदोलन जारी रहा। इस दौरान विद्युत कर्मियों ने अधिशासी अभियंता कार्यालय पर धरना दिया और निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने कहा कि बुलंदशहर और गाजियाबाद में आयोजित बिजली पंचायत में बिजली के निजीकरण के पीछे भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पूर्वांचल बिजली वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की सारी प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की। संघर्ष समिति के पदाधिकारी मुकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि निजीकरण के पीछे बड़े भ्रष्टाचार से प्रदेश की आम जनता को अवगत कराने के लिए संघर्ष समिति ने हर जिले में बिजली पंचायत करने का निर्णय लिया है।
संघर्ष समिति के वक्ता सुनील कुमार प्रजापति ने आरोप लगाया कि पावर कार्पोरेशन प्रबंधन बिडिंग की सामान्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं कर रहा है। इस अवसर पर मनोज कुमार, लक्ष्मण मिश्र, धीरेंद्र यादव, सुनील प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, हिफजुर्रहमान अंसारी, संजय यादव आदि मौजूद रहे।