संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में सोमवार को भी बिजलीकर्मियों का आंदोलन जारी रहा। इस दौरान बिजली कर्मियों ने अधिशासी अभियंता कार्यालय पर धरना दिया और निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की। धरने को संबोधित करते हुए अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने कहा कि बिजली को निजीकरण न किया जाए इससे कर्मचारी भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे। निजीकरण होने बिजली की दरें महंगी हो जाएंगी।
संघर्ष समिति के संयोजक मुकेश गुप्ता ने कहा कि मार्च के माह में भी बिजली कर्मी सुधार के लिए अपने अभियान को बनाए हुए है। वहीं दूसरी ओर पॉवर कारपोरेशन प्रबंधन निजीकरण करने को इतना उतावला है कि वह अत्यधिक अल्प वेतन पाने वाले संविदा कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी करने पर उतारू हो गया है।
इस बात को संघर्ष समिति बर्दाश्त नहीं करेगा। संघर्ष समिति के वक्ता प्रिंस गुप्ता ने कहा कि ऐसे कई और मुद्दे हैं जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उत्तर प्रदेश में बिजली के निजीकरण के पीछे बहुत बड़ा भ्रष्टाचार होने जा रहा है।