अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करते बिजली कर्मी-स्रोत बिजली निगम
संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में मंगलवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। बिजली कर्मियों ने कहा कि निजीकरण कर्मचारी और उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर बिजली कर्मचारी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचे और धरना पर बैठ गए। समिति के पदाधिकारी दिलीप मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने जुलाई 2023 में अनपरा ई और ओबरा डी परियोजनाओं को ज्वाइंट वेंचर में मेजा थर्मल प्राइवेट कंपनी को देने का निर्णय लिया था। विद्युत उत्पादन निगम और मेजा थर्मल के साथ ओबरा डी परियोजना का ज्वाइंट वेंचर एग्रीमेंट सितंबर 2023 में और अनपरा ई परियोजना का जॉइंट वेंचर एग्रीमेंट अप्रैल 2024 में हस्ताक्षरित कर लिया गया था, किंतु अब तक कोई काम नहीं शुरू हुआ है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी भास्कर पांडेय ने कहा कि बगैर ठोस वजह के विद्युत निगमों के निजीकरण का फैसला किया जा रहा है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्युत कर्मियों पर की गई कार्रवाई वापस लेने के साथ ही निजीकरण का फैसला निरस्त किया जाए।
इस दौरान इंजीनियर मुकेश गुप्ता, नारायण चंद्र चौरसिया, सूरज प्रजापति, विजय कुमार, मनीष मिश्रा, संजय यादव, अशोक कुमार, आशीष कुमार, आर्यन कुमार, वीरेंद्र मौर्य, धीरेंद्र यादव, पुष्पेंद्र भारती, प्रद्युम्न कुमार, श्रवण प्रजापति आदि मौजूद रहे।