अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करते बिजली कर्मी- स्रोत बिजली कर्मी
संतकबीरनगर। बिजली के निजीकरण के विरोध में शनिवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन दिया। कर्मियों ने निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी सत्येन्द्र सिंह ने कहा कि निजीकरण किये जाने के लिए बिजली कर्मचारियों पर बड़े पैमाने पर की गई उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों के वापस न लिए जाने से बिजली कर्मियों में भारी गुस्सा है। उन्होंने कहा कि कई हजार बिजली कर्मियों को तीन माह से वेतन नहीं दिया गया है जो पूरी तरह अमानवीय है। यह बिजली कर्मी तीन माह से वेतन न मिलने पर भी अपनी ड्यूटी कर रहे हैं।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि फेसियल अटेंडेंस के नाम पर कई हजार बिजली कर्मचारियों को जून और जुलाई माह का वेतन अभी तक नहीं दिया गया है। अगस्त का महीना भी समाप्त हो रहा है और यदि इन बिजली कर्मचारियों को लगातार तीन माह तक वेतन नहीं दिया जाता है तो यह बहुत गंभीर उत्पीड़नात्मक कार्यवाही है और पूरी तरह अमानवीय है।
उन्होंने कहा कि निजीकरण के नाम पर मई के महीने में अत्यंत अल्प वेतन भोगी संविदा कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छटनी की गई थी। कई हजार संविदा कर्मी 55 वर्ष की आयु के नाम पर निकाले गए और कई हजार संविदा कर्मियों को डाउन साइजिंग करके हटा दिया गया।
इस अवसर पर श्रवण प्रजापति, सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, दिलीप मौर्य, दिनेश शर्मा मौजूद रहे।