प्रदर्शन करते बिजली कर्मी-स्रोत बिजली निगम
संतकबीरनगर। बिजली निगम के निजीकरण के विरोध में मंगलवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी विवेकानंद नायक ने कहा कि न्यूक्लियर के अति संवेदनशील क्षेत्र में निजी कंपनियों को प्रवेश की अनुमति देने वाला शान्ति बिल निजी कंपनियों के दबाव में लाया गया है जो देश हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के जरिए केंद्र सरकार देश के संपूर्ण विद्युत वितरण क्षेत्र का निजीकरण करना है। सरकारी विद्युत वितरण कंपनियों का नेटवर्क इस्तेमाल करने की निजी कंपनियों को छूट दी जाएगी और निजी कंपनियां केवल मुनाफे वाले क्षेत्र में बिजली आपूर्ति करेंगे। परिणाम स्वरूप सरकारी विद्युत वितरण निगमों के पास कृषि और गरीब उपभोक्ताओं का घाटे वाला क्षेत्र रह जाएगा और सरकारी विद्युत वितरण कंपनियां कंगाल हो जाएंगी।
साथ ही इस बिल में सब्सिडी समाप्त करने का प्रावधान है। इसके बाद बिजली इतनी महंगी हो जाएगी कि किसानों और गरीब उपभोक्ताओं की पहुंच से बिजली दूर हो जाएगी। रमेश प्रजापति ने कहा कि उपभोक्ताओं की सहमति के बगैर जबरदस्ती स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं जिससे लोगों में बहुत गुस्सा है। बिजली कर्मचारी उपभोक्ताओं के हित में इसका भी विरोध कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन में श्रवण प्रजापति, धीरेन्द्र यादव, नारायण चंद्र चौरसरिया, विवेकानंद नायक, चंद्र केश मौर्य, रंजन कुमार, आर्यन कुमार, वीरेंद्र मौर्य, सूरज प्रजापति, दुर्गा प्रसाद, दिलीप सिंह, अमरनाथ यादव, संतोष गुप्ता समेत अन्य बिजली कर्मी मौजूद रहे।