अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करते बिजली कर्मी-स्रोत बिजली निगम
संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण और कर्मियों के उत्पीड़न के विरोध में सोमवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। कर्मियाें ने वित्त मंत्री एवं ऊर्जा मंत्री के साथ हुए समझौते का सम्मान करते हुए निजीकरण का निर्णय निरस्त करने की मांग की।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी रमेश प्रजापति ने कहा कि छह अक्तूबर 2020 को वित्तमंत्री एवं पूर्व ऊर्जा मंत्री से वार्ता के बाद विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के साथ लिखित समझौता हुआ था। समझौते के पहले बिंदु में ही लिखा गया है कि विद्युत वितरण निगमों की वर्तमान व्यवस्था में ही सुधार के लिए कर्मचारियों और अभियंताओं को विश्वास में लेकर सार्थक कार्यवाही की जाएगी।
कर्मचारियों और अभियंताओं को विश्वास में लिए बिना उत्तर प्रदेश में किसी भी स्थान पर कोई निजीकरण नहीं किया जाएगा। लिखित समझौते का खुला उल्लंघन कर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का पॉवर कॉर्पोरेशन प्रबंधन की ओर से एलान किए जाने का दुष्परिणाम यह है कि प्रदेश के ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मी विगत 314 दिनों से सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए विवश हैं।
इस दौरान श्रवण प्रजापति, वीरेंद्र मौर्य, सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, श्रवण प्रजापति, रमेश प्रजापति, अशोक कुमार, दिलीप मौर्य, आशीष माैजूद रहे।