अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करतेबिजली कर्मी-स्रोत बिजली निगम
संतकबीरनगर। बिजली निगमों के निजीकरण के विरोध में बृहस्पतिवार को बिजली कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दिवस मनाया। बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया और निजीकरण का फैसला वापस लिए जाने की मांग किया। साथ ही 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्र व्यापी आंदोलन में शामिल होने का एलान किया।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी प्रिंस गुप्ता ने कहा कि विद्युत निगमों के निजीकरण और उत्पीड़नात्मक कार्रवाई के विरोध में चल रहा प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक निजीकरण का निर्णय वापस नहीं लिया जाता। संघर्ष समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने कहा कि 12 फरवरी की प्रस्तावित हड़ताल की तैयारी के लिए जनवरी माह में महापंचायत आयोजित की जाएगी। संघर्ष समिति के पदाधिकारी धीरेंद्र यादव ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का एकतरफा निर्णय घोषित कर पॉवर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने ऊर्जा निगमों में कार्य का वातावरण पूरी तरह बिगाड़ दिया है। बिजली कर्मी संघर्ष में उपभोक्ताओं के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता पर अटेंड कर रहे हैं, लेकिन संघर्ष जारी रहेगा।
इस दौरान इंजीनियर मुकेश गुप्ता, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, दिलीप मौर्य, आशीष कुमार, भास्कर पांडेय, विजय कुमार, श्रवण प्रजापति, पुष्पेन्द्र भारती, संतोष गुप्ता, आर्यन कुमार, रमेश प्रजापति, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।