संतकबीरनगर। निजीकरण के विरोध में प्रांतव्यापी विरोध प्रदर्शन के तहत मंगलवार को बिजली कर्मियों ने एक्सईएन कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दाैरान निजीकरण के फैसले वापस लेने की मांग की।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के आह्वान पर आज प्रदेश भर में बिजली कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। संघर्ष समिति ने कहा है कि यदि ट्रांजेक्शन कंसल्टेंट नियुक्त करने का टेंडर निरस्त न किया गया तो अगले सप्ताह आंदोलन तेज किया जाएगा । संघर्ष समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने कहा कि संविदा कर्मियों को निजीकरण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए बड़े पैमाने पर हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन की योजना के तहत संविदा का कांट्रेक्ट समाप्त होने पर हर जगह 20 प्रतिशत छंटनी करने का आदेश है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए लगभग 50 हजार संविदा कर्मियों को हटाया जाना है।
इंजीनियर मुकेश गुप्ता ने कहा कि निजीकरण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए प्रबंधन ने नियमित कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं को बड़े पैमाने पर जबरिया सेवा निवृत्ति देने की योजना बनाई है। उन्होंने कहाकि निजीकरण करने की योजना कामयाब नहीं होने दी जाएगी। संघर्ष समिति व्यापक आंदोलन की तैयारी कर रही है।