संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में मंगलवार को भी बिजली कर्मियों का आंदोलन जारी रहा। इस दौरान बिजली कर्मियों ने अधिशाषी अभियंता कार्यालय पर धरना दिया और निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर विद्युत कर्मियों ने अधिशाषी अभियंता कार्यालय पहुंचकर धरना दिया। धरने को संबोधित करते हुए अधिशाषी अभियंता राजेश कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली का निजीकरण हर हाल में रोका जाएगा।पावर कार्पोरेशन प्रबंधन को निजीकरण की जिद छोड़कर बिजली कर्मचारियों को विश्वास में लेकर सुधार के कार्यक्रम चलाना चाहिए। उन्होंने कहा की बिजली कर्मचारी लगातार मांग कर रहे हैं कि सुधार के लिए उनके द्वारा दिए गए प्रस्ताव को प्रबंधन और सरकार अमल में लाए।
प्रदेश में उपभोक्ताओं के व्यापक हित में यह अशांति का वातावरण समाप्त होना ही चाहिए। प्रबंधन यह कह दे कि निजीकरण नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रबंधन निजी करण की जिद पर अड़ा रहा तो नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के तत्वावधान में प्रदेश में मार्च के महीने में चार बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। इनकी तारीख 8 मार्च को घोषित की जाएगी।
इस दौरान मनोज कुमार, लक्ष्मण मिश्र, मुकेश गुप्ता, धीरेंद्र यादव, सुनील प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, हिफजुर्रहमान अंसारी, संजय यादव, आशीष कुमार, दिलीप सिंह, राघवेंद्र, राजकुमार, लालचन्द यादव, दिनेश चंद्र आदि मौजूद रहे।