उसरा शहीद गांव में केबल्के जरिये खिंचा गया तार
सेमरियावां। बिजली पोल के अभाव में बांस-बल्ली पर दौड़ते तार अब क्षेत्र में कहीं नहीं दिखेंगे। निगम ने व्यवस्था में सुधार की पहल शुरू कर दी है। ‘बांस-बल्ली कनेक्शन शून्य’ जनपद बनाने के उद्देश्य से अधीक्षण अभियंता ने सभी विभागीय जिम्मेदारों को सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। जनप्रतिनिधियों से भी अविद्युतीकृत घर, मजरों और बांस-बल्ली के सहारे दिए गए कनेक्शनों की जानकारी मांगी गई है। सर्वे किया जा रहा है। सेमरियावां ब्लाॅक के बिजली उपकेंद्र करमाखान पांच फीडर में सेमरियावां, दरियाबाद, हटवा बाजार, महुआरी, केशवापुर शामिल हैं। इन पांचों फीडरों से लगभग 130 गांव मजरों में बिजली सप्लाई की जाती है।
एशियन विकास बैंक की ओर से प्रायोजित आरडीएसएस की यूईएचएच योजना के तहत जिले की लचर बिजली आपूर्ति व्यवस्था को दुरूस्त किया जाएगा। बांस-बल्ली के सभी संयोजन खत्म कर हर घर तक बिजली पोल लगाया जाएगा। साथ ही सरकार की तमाम योजनाओं के बाद भी अभी तक बिजली से वंचित गांवों और घरों को संतृप्त किया जाएगा।
एडीबी योजना एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्था है। इसका उद्देश्य विकासशील सदस्य देशों को ऋण, अनुदान, इक्विटी निवेश और गारंटी देकर सतत विकास और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।
भारत इसका सदस्य देश है, लिहाजा देश में अनकों विकास योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। विभागीय अधिकारियों ने सर्वे करने कर रिपोर्ट तत्काल भेजने का निर्देश दिया है।