संतकबीरनगर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर बिजली कर्मियों का आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। इस दौरान विद्युत कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। बिजली कर्मियों ने निगमों के निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की जा रही है और प्रदेश की बिजली व्यवस्था दिल्ली से बेहतर है। यह इस बात का प्रमाण है कि बिजली कर्मियों के प्रयास से ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेहतर हुई है। ऐसे में निजीकरण का फैसला कहीं से भी उचित नहीं हैं। यह न तो कर्मचारियों के हित में है और न ही उपभोक्ताओं के हित में हैं। इस दौरान कर्मियों ने एलान किया कि 25 जनवरी को भी काली पट्टी बांधकर विरोध जताया जाएगा।
इस दौरान इंजीनियर राजेश कुमार, मनोज कुमार, लक्ष्मण मिश्र, मुकेश गुप्ता, सुनील प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, आशीष कुमार, दिलीप सिंह, राघवेंद्र, श्रीराम, धीरेंद्र यादव, श्रवण प्रजापति, मनोज कुमार, विजय कुमार, दुर्गेश राय, लालचंद यादव, हेमलता सिंह, नमिता पटेल आदि मौजूद रहे।