बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे नर्सिंग होम और पैथालॉजी सेंटरों पर सोमवार को एसडीएम और सीएमओ के नेतृत्व में व्यापक छापेमारी की गई। इस दौरान बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे आठ नर्सिंग होम व चार पैथालॉजी सेंटरों को सील कर दिया गया।
जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही के निर्देश पर एसडीएम सदर उमेश चंद निगम और सीएमओ डॉक्टर आनंद प्रकाश श्रीवास्तव की अगुवाई में सीओ राजेंद्र सिंह, कोतवाल ईश्वर चंद प्रधान को लेकर फोर्स के साथ टीम छापेमारी पर निकली। सबसे पहले टीम डीएम आवास के ही निकट चल रहे जमुना हॉस्पिटल पर पहुंची। अस्पताल के रजिस्ट्रेशन का कागजात मांगने पर संचालक नहीं दिखा सके।
यहां पर प्रसव के लिए छह महिलाएं भर्ती मिलीं। सीएमओ ने इन महिलाओं को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजवाया और हॉस्पिटल को सील करा दिया। इसके बाद टीम ने र्साइं हॉस्पिटल, अपोलो पैथलॉजी एवं डिजिटल एक्सरे सेंटर, स्टार एक्सरे पैथालॉजी, बीके फिजियोथिरेपी एवं रिहैबिलिटेशन सेंटर, तीर्थराजी सीटी स्कैन सेंटर पर छापा मारा।
इनमें से भी किसी के संचालक रजिस्ट्रेशन के कागजात नहीं दिखा सके। इसपर इन सभी को सील कर दिया गया। सीएमओ ने बताया कि जीवन रेखा हॉस्पिटल, बुद्धा हॉस्पिटल, सिद्धनाथ हॉस्पिटल, ममता हॉस्पिटल, सुंदरम हॉस्पिटल पर भी छापेमारी की गई। पहले से ही सूचना मिलने के चलते अवैध रूप से चल रहे इन अस्पतालों के संचालकों ने मरीजों को हटा दिया था।
किसी भी हॉस्पिटल के संचालक ने रजिस्ट्रेशन के कागजात नहीं दिखाए। सभी अस्पतालों को सील कर दिया गया है। इन सभी संचालकों को कागजात लेकर सीएमओ कार्यालय पर बुलाया गया है। छापेमारी के दौरान डॉक्टर रहमान, अयोध्या प्रसाद, डॉक्टर नित्यानंद त्रिपाठी समेत अन्य मौजूद रहे। इसी तरह से मेंहदावल में अपर सीएमओ डॉक्टर केएम मिश्र ने छापेमारी की और शिखा अस्पताल को बिना रजिस्ट्रेशन पाए जाने पर सील कर दिया। धनघटा में भी छापेमारी हुई। यहां पर पैथालॉजी संचालक और नर्सिंग होम संचालक अपने सेंटर को बंद कर फरार हो गए। ऐसे में टीम को बैरंग लौटना पड़ा।