संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। इस्लामिक कैलेंडर के माह जिलहिज्जा का चांद सोमवार शाम को नजर आते ही 19 मई से इस महीने की शुरुआत हो गई। इस हिसाब से ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार 28 मई को मनाया जाएगा। इस दिन बकरीद की नमाज अदा करने के बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू होगा, जो तीसरे दिन सूरज ढलने तक जारी रहेगा।
आल इंडिया उलेमा बोर्ड के प्रदेश महासचिव फुजैल अहमद नदवी ने बताया कि आमतौर पर बकरीद के जानवरों की की खरीदारी लोग पहले से ही कर लेते हैं। मान्यता के अनुसार बकरीद के जानवरों को अपने परिवार के सदस्य में रूप में पाला जाता है। वर्तमान में कुछ लोग ऐसे भी जो चांद देखने के बाद से जानवरों की खरीदारी करते हैं। बकरीद का चांद दिखने के साथ ही अब कुर्बानी के जानवरों की खरीदारी तेज हो जाएगी।
मंडी में बकरों की खरीदारी शुरू ः
सेमरियावां संवाद के अनुसार ईद-उल-अजहा पर कुर्बानी के बकरों की खरीदारी रोज हो रही है। अब चांद दिखने के बाद से इसमें और तेजी आएगी। लोग अपनी पसंद और बजट के हिसाब से बकरों की खरीद कर रहे हैं।