बेलहर। बेलहरकला थाना क्षेत्र के भेलाखर्ग कला गांव में मिले नर कंकाल की पहचान अब डीएनए से होगी। कंकाल अपने पति का होने का गांव की महिला के दावे के बाद पुलिस ने डीएनए जांच के लिए सैंपलिंग की तैयारी भी शुरू कर दी है। पुलिस अब इस दावे की पुष्टि के लिए महिला के पति के भाई (देवर) का डीएनए लेकर मिलान करेगी।
भेलाखर्ग कला गांव में मिले नरकंकाल के आसपास मिले कपड़े और चप्पल के आधार पर गांव की महिला सावित्री देवी ने अपने लापता पति रामनरायन पुत्र मुन्नर का होने का दावा किया। जिसके बाद पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया। दो चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया, लेकिन मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। इसके बाद पुलिस ने डीएनए जांच की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि डीएनए जांच रिपोर्ट में ही सही पहचान हो पाएगी कि वह कंकाल रामनरायन का है या नहीं। इसके लिए परिवार के सदस्यों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा।
अधिकारियों की मानें तो महिला के पति के भाई का डीएनए सैंपल जांच रिपोर्ट में सबसे ज्यादा सहायक साबित होगा। महिला ने एक जुलाई 2024 को बेलहर थाने में अपने पति की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।