- आयुक्त ग्राम्य विकास ने डीएम से फिर से मांगा है प्रस्ताव
- डीडीओ ने नए प्रारूप पर बीडीओ को प्रस्ताव बनाने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। विकास खंड सेमरियावां हाईवे पर स्थित कांटे को नया ब्लाॅक बनाने की कवायद एक बार फिर से शुरू हो गई है। आयुक्त ग्राम्य विकास उत्तर प्रदेश ने डीएम को पत्र लिखकर प्रस्ताव मांगा है। इस बार कांटे को केंद्र बनाकर प्रस्ताव तैयार किया गया है। डीडीओ ने नए प्रारूप पर बीडीओ को प्रस्ताव बनाने को कहा है। नए प्रस्ताव के मुताबिक सेमरियावां, बघौली व खलीलाबाद ब्लाॅक के 61 ग्राम पंचायत को शामिल किया गया है। कांटे को ब्लाॅक बनने का लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके बनने से ग्रामीणों को समस्याओं का समाधान कराने के लिए जिला मुख्यालय और तहसील कम जाना पड़ेगा।
सेमरियावां ब्लाक में 113 ग्राम पंचायत हैं। इसमें बाघनगर, उसराशहीद, कानपारा, सेमरियावां, दुधारा, परसा शेख, बजहरा, तिलजा, सालेहपुर, उमिला, पैली खास, बूधाकला न्याय पंचायत शामिल हैं। यह जनपद का सबसे बड़ा ब्लाॅक है।
सेमरियावां ब्लाॅक की उमिला, पैली खास, बूधाकला खलीलाबाद ब्लाॅक के करीब है। इन न्याय पंचायतों का ब्लाॅक मुख्यालय काफी दूर पड़ता है। कांटे को काफी लंबे समय से लगातार ब्लाॅक बनाए जाने की मांग चल रही है। लोगों की मांग पर 3 फरवरी 2018 को तत्कालीन विधायक दिग्विजय नरायण चतुर्वेदी उर्फ जय चौबे ने कांटे को नया ब्लाॅक बनाने के लिए प्रस्ताव शासन को सौंपा था। प्रस्ताव पर शासन ने गंभीरता भी से लिया।
इस पर शासन की तरफ से लिखा-पढ़ी भी शुरू हुई। पिछले साल दिसंबर में ग्राम्य विकास आयुक्त ने डीएम को पत्र जारी कर जनपद के सबसे बड़े ब्लाक सेमरियावां में सम्मिलित कांटे को नया ब्लॉक बनाने के लिए रिपोर्ट मांगी थी। डीएम ने डीडीओ समेत बीडीओ आदि विभागीय अफसरों के जरिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजवा दिया था। इसके बाद मामला अटका पड़ा रहा।
एक बार फिर सहायक आयुक्त ग्राम्य विकास रशेष कुमार गुप्ता ने ब्लॉक बनाने के लिए प्रस्ताव मांगा है। बीडीओ की ओर प्रस्ताव बनाकर डीडीओ को सौंप दिया गया है। कांटे को केंद्र बनाकर सेमरियावां ब्लाॅक के 37 ग्राम पंचायत, बघौली और खलीलाबाद ब्लाॅक के 12-12 ग्राम पंचायत को मिला कर कुल 61 गांव को शामिल किया गया है। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही ब्लाॅक बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
ब्लॉक बन जाने से विकास कार्यों को मिलेगी गति
कांटे ब्लाॅक बन जाने से अफसरों को गांवों में कराए जा रहे विकास कार्यों के निरीक्षण में आसानी रहेगी। इससे विकास कार्यों को गति मिलेगी। अधिकारी गांवों में पहुचेंगे तो विकास तेजी से हो सकेगा। इसके अलावा लोगों की समस्याओं के समाधान लिए दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
कांटे ब्लाॅक के सृजन के प्रस्ताव पर शासन की ओर से जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति, स्टाफ आदि का विभिन्न प्रारूपों, विवरण व सूचनाओं को एकत्र कर प्रस्ताव बनाकर डीडीओ को सौंप दिया गया है। ब्लाॅक बनने से दूर के गांव को आसानी होगी।
- ओपी सिंह, संयुक्त बीडीओ, सेमरियावां