संतकबीरनगर। जिले में ईसीसीई एजुकेटर भर्ती के दौरान अनियमितता की शिकायतें मिलने के बाद शनिवार को मामले की जांच कर रहे सीडीओ ने भर्ती की प्रक्रिया निरस्त करते हुए नए सिरे से आवेदन लेकर नियुक्ति करने के निर्देश दिए हैं।
कारण यह है कि जांच के दौरान बेसिक शिक्षा अधिकारी के साथ ही भर्ती एजेंसी के प्रोप्राइटर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का कोई सबूत नहीं दिखा सके। स्थिति यह थी कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े लाेग यह तक नहीं बता सके कि भर्ती के लिए कितने लोगों ने आवेदन किया था।
ईसीसीई एजुकेटर भर्ती प्रक्रिया में लगातार शिकायतें मिल रही थीं। अभ्यर्थियों ने जिलाधिकारी आलोक कुमार से मिलकर इस बात की शिकायत की थी कि भर्ती में लगातार धांधली चल रही है।
अभ्यर्थियों ने इस भर्ती में धनउगाही का आरोप लगाया था। उनका आरोप था कि उनसे एक लाख से लेकर दो लाख रुपये तक की मांग की गई थी। उन्होंने पैसे नहीं दिए। इसके चलते उनका नाम मेरिट में रहने के बावजूद भर्ती से बाहर कर दिया गया।
इसके बाद उन्होंने इसकी जांच मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी को दी। सीडीओ ने शनिवार को जांच के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य, सेवायोजन अधिकारी, भर्ती एजेंसी, पटल सहायक समेत अन्य सभी लोगों को तलब किया था। साथ ही आरोप लगाने वाले अभ्यर्थियों को भी मौके पर बुलाया गया था। जांच के दौरान सीडीओ ने भर्ती के जिम्मेदारों से पूछा कि आखिर इस भर्ती के लिए कितने आवेदन आए थे। आवेदन की सूची कहां है। जिम्मेदार यह नहीं बता सके कि आखिर इसके लिए आवेदन कितने आए थे।
इस दौरान कई तरह की बहानेबाजी होने लगी। उन्होंने कहा कि मेरिट सूची किस आधार पर बनाई गई। इसके बाद कोई भी इसका यथोचित उत्तर नहीं दे सका। मुख्य विकास अधिकारी ने भर्ती सचिव बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह को आदेश दिए कि भर्ती को निरस्त किया जाए और नए सिरे से फार्म लिया जाए।
इसके बाद उन्होंने बाहर खड़े अभ्यर्थियों को बुलाया और बताया कि भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर दिया गया है, कारण यह है कि वह यही नहीं बता पा रहे हैं कि उनके पास भर्ती के लिए आवेदन कितने आए थे। नए सिरे से फार्म लिए जाएंगे और भर्ती की जाएगी। इस दौरान आरोप लगाने वाले अभ्यर्थियों के साथ उनके अभिभावक भी मौजूद रहे। राहुल कुमार, पूजा, विष्णु, अजय यादव, प्रेमशीला समेत अन्य लोगों ने जिला प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत किया।