संतकबीरनगर। अगर आप अपने संसदीय क्षेत्र के ही किसी बूथ पर चुनाव ड्यूटी कर रहे हैं तो मतदान को लेकर निश्चिंत रहें। ड्यूटी वाले बूथ पर ही आप भी मतदान कर सकेंगे। बस इसके लिए पहले ईडीसी (इलेक्शन ड्यूटी सर्टिफिकेट) लेना होगा। परंतु अगर आप अपने संसदीय क्षेत्र के बाहर ड्यूटी करने वाले सरकारी कर्मचारी हैं तो फिर पोस्टल बैलेट का ही उपयोग किया जाएगा।
चुनाव के दौरान कर्मचारियों को मतदान के लिए तीन विकल्प मिलते हैं। पहला सर्विस वोट, दूसरा पोस्टल बैलेट और तीसरी ईडीसी। सर्विस वोट की सुविधा सेना व अर्द्धसैनिक बलों के अधिकारी तथा जवानों और विदेशी दूतावास में कार्यरत भारतीयों के अलावा दूसरे प्रांत में प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले पुलिस अफसरों को मिलती है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। दूसरा है पोस्टल बैलेट (डाक मतपत्र) जिसमें चुनाव ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को अंतिम प्रशिक्षण के दिन प्रशिक्षण स्थल पर बने सुविधा केंद्र पर प्रारूप 12 क भरकर मत पत्र प्राप्त करना होता है। इन मतपत्रों को मुहर लगने के बाद सीलबंद लिफाफे में पीठासीन अधिकारी के जरिए मतगणना केंद्र पर जमा कराया जाता है। मतगणना के दिन पहले इन सर्विस वोट व डाक मत पत्रों की गणना कराई जाती है। इस बार मतदान कर्मियों के लिए तीसरा विकल्प ईडीसी के जरिए मिला है। सर्विस वोटरों के नोडल प्रभारी/पीडी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि जिन कर्मचारियों की ड्यूटी अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के ही किसी बूथ पर लगी है तो वे इसका लाभ ले सकते हैं। अंतिम प्रशिक्षण के दौरान ड्यूटी पत्र दिखाकर ये लोग एआरओ से इलेक्शन ड्यूटी सर्टिफिकेट प्राप्त करेंगे। मतदान दिवस पर इस सर्टिफिकेट को देखकर पीठासीन अधिकारी अपने बूथ की मतदाता सूची में सबसे नीचे इस नए मतदान कर्मी का नाम जोड़ेंगे, जिसके आधार पर कर्मचारी वहीं मतदान कर सकेगा।
करीब पांच हजार कर्मियों को मिलेगी राहत
संतकबीरनगर। मतदान कर्मियों को इस नए नियम के चलते मतदान में सहूलियत होगी। साथ ही वे भी ईवीएम से वोट डाल सकेंगे। निर्वाचन कार्यालय के अनुसार लगभग पांच हजार कर्मचारी ऐसे हैं, जिनकी ड्यूटी अपने संसदीय क्षेत्र में ही लगी है। इस नई व्यवस्था को उन्हें लाभ मिलेगा। इस नियम का व्यापक प्रचार-प्रसार जरूरी है।
प्रशिक्षण के दौरान दी जाएगी जानकारी
डीएम रवीश गुप्ता ने बताया कि संतकबीरनगर जिले के निवासी कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। चुनाव ड्यूटी के लिए कर्मचारियों केे प्रशिक्षण के दौरान इसकी विधिवत जानकारी दी जाएगी।