धनघटा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली में महिला चिकित्सक के न रहने के कारण महिलाओं को इलाज के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिलाएं अपनी बातें पुरुष डॉक्टर से बताने से हिचकिचा रही हैं तो प्रसव नर्स और दाई करा रही हैं।
यहां कार्यरत महिला चिकित्सक डॉक्टर अर्पित त्रिपाठी का स्थानांतरण दो महीने पहले जौनपुर जिले के लिए हो गया है। उनके तबादले के बाद किसी महिला चिकित्सक की नियुक्ति यहां पर नहीं हुई, जिससे महिला मरीज परेशान हो रही हैं। संध्या, शिव कुमारी, कबूतरा, पानमती आदि का कहना है कि सर्दी-जुकाम बुखार का इलाज तो पुरुष डॉक्टर कर दे रहे हैं, लेकिन अन्य दिक्कतें पुरुष डॉक्टर को बताने में संकोच लगता है। इसलिए मजबूरी में निजी नर्सिंगहोम में कार्यरत महिला चिकित्सक के पास जाना पड़ता है।
इतना ही नहीं सबसे बड़ी समस्या प्रसव कराने वाली महिलाओं के सामने है। नॉर्मल डिलीवरी तो प्रशिक्षित नर्स और दाई करा देती हैं, लेकिन कहीं परेशानी वाली बात आई तो सीधे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि हैंसर बाजार में महिला अस्पताल खोले जाने की मांग लंबे समय से लोग करते चले आ रहे हैं, लेकिन कोई ध्यान देने वाला नहीं है। इस समय गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मजबूरन या तो लोग जिला अस्पताल जा रहे हैं या निजी अस्पताल में जाकर अधिक खर्च पर इलाज करा रहे हैं।
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महिला चिकित्सक की नियुक्ति के लिए पत्र लिखा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही यहां पर महिला चिकित्सक की नियुक्ति कर दी जाएगी।
-डॉ. जितेंद्र चौधरी, अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र