संतकबीरनगर। जिले में दवाओं के रखरखाव के लिए 10 करोड़ की लागत से ड्रग वेयर हाउस का निर्माण लहुरादेवा में कराया गया है, लेकिन भवन निर्माण पूर्ण होने के बाद ही भी इसे अभी तक हैंडओवर नहीं किया जा सका है। जिससे दवाओं के रखरखाव को लेकर समस्या उत्पन्न हो रही है। स्वास्थ्य महकमा किराए का कमरा लेकर दवाओं की रखवाली करा रहा है।
जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी पर वितरित होने वाली दवाओं को ड्रग वेयर हाउस में रखवाया जाता है। वहां से स्वास्थ्य केंद्र दवाओं को ले जाते हैं। अब चूंकि शासन से कॉरपोरेशन के जरिए अस्पतालों की डिमांड के अनुरूप दवाएं आपूर्ति की जाने लगी हैं। इसके लिए किराये के भवन में ड्रग वेयर हाउस खोला गया। वर्तमान में यह हाउस नेदुआ चौराहे के निकट संचालित है। यहीं से जनपद के अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति कराई जाती है। जगह की कमी व मानकों पर निर्माण न होने के कारण दवाओं के बेहतर रख-रखाव में तमाम दिक्कतें आ रही थीं।
इस समस्या से निजात के लिए शासन ने दो साल पहले जिला स्तर पर ड्रग वेयर हाउस बनाने की स्वीकृति प्रदान की थी। इसके लिए करीब 10 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। खलीलाबाद के लहुरादेवा में प्रशासन ने जमीन चिह्नित कराई और निर्माण शुरू हुआ। भवन बनाने का कार्य तेजी के साथ चल रहा था। भवन भी पूरा हो गया। लेकिन अभी तक इसे हैंडओवर नहीं किया गया। लखनऊ की कार्यदायी संस्था ने इसका निर्माण कराया है।
आठ माह पहले ही भवन बन कर तैयार हो गया और उसे अप्रैल में ही हैंडओवर किया जाना था लेकिन अभी तक वह हैंडओवर नहीं किया जा सकता है। जिससे अभी भी किराए के भवन में ड्रग वेयर हाउस संचालित हो रहा है।