संतकबीरनगर। भूगर्भ जल सप्ताह के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन विभागों द्वारा किया जा रहा है। विकास खंड नाथनगर में अवस्थित राजकीय बाग घोरहट में उद्यान एवं लघु सिंचाई विभाग के तत्वाधान में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर पद्धतियों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही पौधरोपण किया गया।
जिला उद्यान अधिकारी समुद्रगुप्त मल्ल ने बताया कि उद्यान विभाग के अंतर्गत संचालित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में कृषकों के प्रक्षेत्र पर ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धतियां स्थापित की जाती हैं। ड्रिप सिंचाई पद्धति से फसलों को बूंद-बूंद पानी प्रदान किया जाता है।
ड्रिप सिंचाई पद्धति उन फसलों के लिए कारगर है जो एक निश्चित दूरी पर बोई जाए, जिसमें केला, सब्जियां, गन्ना, बागवानी फसलें आदि शामिल हैं। स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति में पौधों को फव्वारा के माध्यम से जल प्रदान किया जाता है। स्प्रिंकलर पद्धति में उपयोग के अनुसार कई पद्धतियों का समावेश है, जैसे पोर्टेबल स्प्रिंकलर, मिनी स्प्रिंकलर, माइक्रो स्प्रिंकलर तथा रेनगन शामिल है।
इन सभी पद्धतियों से फव्वारे से सिंचाई की जाती है। यह पद्धति उन सभी फसलों में लाभदायक है जो 1.5 मीटर से कम ऊंचाई की हों, जिसमें धान, गेहूं, सब्जियां, फूल आदि शामिल हैं। इस दौरान सहायक अभियंता ने अवगत कराया कि खेत तालाब योजना के अंतर्गत कृषक बंधु अपने खेत में छोटे तालाब का निर्माण कर उसमें मछली पालन एवं मखाना की खेती कर सकते हैं, जिससे एक अतिरिक्त आय के साथ-साथ जल संरक्षण एवं संवर्द्धन भी होगा।
इस अवसर पर राजकीय बाग परिसर में 500 फलदार पौधों का रोपण किया गया, जिसमें आम,अमरूद, नींबू, लीची आदि शामिल हैं।